संभल हिंसा मामले में 23 जनवरी को सुनवाई:एसपी-पीआरओ को छर्रे लगे थे, 12 जनवरी को एसपी के 6 घंटे बयान दर्ज हुए, 25 पर चार्जशीट

संभल हिंसा मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई और उनके पीआरओ संजीव सोम को छर्रे लगने के मुकदमे में 23 जनवरी को सुनवाई होगी। इस मामले में 12 जनवरी को एसपी बिश्नोई के बयान छह घंटे तक दर्ज किए गए थे। न्यायालय में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के बयान दोपहर 12 बजे से शाम 6:30 बजे तक दर्ज किए गए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि एसपी की गवाही मजबूत रही है, क्योंकि उन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा था। 5 अधिवक्ता मौजूद रहे और 140 सवालों पर बहस की। इस मुकदमे में 25 अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अधिवक्ता जकी अनवर, आफ़ताब हुसैन, कमर हुसैन, जमाल पाशा और मसूद अली फारुखी ने अभियुक्तों की ओर से बहस की। एसपी बिश्नोई के दोनों पैरों में छर्रे लगे थे, जबकि पीआरओ संजीव सोम को भी छर्रे से चोट आई थी। यह मामला 24 नवंबर 2024 को संभल के विवादित धार्मिक स्थल श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा से संबंधित है। थाना नखासा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 304/2024 में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एडीजे पॉस्को कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। 24 नवंबर 2024 को एसपी के पीआरओ संजीव कुमार की तहरीर पर थाना नखासा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत 100-150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की थी। विशेष जांच दल (SIT) ने इस मुकदमे में 40 से अधिक अभियुक्तों को नामजद किया है, जिनमें से 25 से अधिक अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका है और उन्हें न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।