स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित ‘ध्वनि–भक्ति अनप्लग्ड’ कार्यक्रम में भक्ति जैमिंग ने युवाओं को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। लॉ कॉलेज ग्राउंड में शाम ढलते ही जब भक्ति संगीत की धुनें गूंजीं, तो पूरा विश्वविद्यालय परिसर श्रद्धा और उत्साह से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा जेन-जी भजन जैमिंग, जिसने पारंपरिक भक्ति को आधुनिक संगीत के साथ जोड़कर नया स्वरूप दिया। भक्ति जैमिंग के दौरान विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण भक्ति, श्रीराम के भजन और संत परंपरा से जुड़े गीतों को गिटार, फ्लूट और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुत किया। शास्त्रीय भजनों को आधुनिक ताल और सुरों में पिरोकर युवाओं ने यह संदेश दिया कि भक्ति केवल परंपरा नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी की आत्मिक जरूरत भी है। सामूहिक गायन के दौरान सैकड़ों छात्र एक साथ भजनों में स्वर मिलाते नजर आए, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मेरठ में पहली बार इस तरह की भक्ति जैमिंग देखने को मिली, जहां मंच पर और दर्शकों में बैठे युवा एक-दूसरे के साथ जुड़ते नजर आए। हर भजन के बाद तालियों की गूंज और जयकारों से वातावरण और अधिक ऊर्जावान होता गया। कई प्रस्तुतियों में सामाजिक और नैतिक संदेश भी शामिल रहे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में इस्कॉन के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। उन्होंने भावपूर्ण कीर्तन प्रस्तुत कर भक्ति जैमिंग को और प्रभावशाली बना दिया। कीर्तन के दौरान पूरा परिसर “हरे कृष्ण, हरे राम” के मंत्रों से गूंज उठा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस्कॉन प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया। भक्ति संध्या में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. डॉ. शाल्या राज, डॉ. राहुल बंसल, डॉ. अंजली खरे, डॉ. रीना बिश्नोई सहित विभिन्न संकायों के डीन, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अतिथियों ने भक्ति जैमिंग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। आयोजकों के अनुसार, ध्वनि–भक्ति अनप्लग्ड का उद्देश्य संगीत के जरिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना और युवाओं को आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में संकायाध्यक्ष स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. सरताज अहमद एवं अपर संकायाध्यक्षा डॉ. श्वेता भारद्वाज के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय छात्र परिषद की अहम भूमिका रही। भक्ति जैमिंग के समापन पर सामूहिक कीर्तन और भजन गायन हुआ, जिसमें शिक्षक, छात्र और अतिथि सभी एक साथ शामिल हुए। आध्यात्मिक उल्लास और संगीत की गूंज के बीच कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।