गोंडा जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में स्वयं सहायता समूहों के सामुदायिक निवेश निधि में 1.15 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) कुलदीप कुमार सहित 12 लोगों के खिलाफ चार अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इन 12 आरोपियों में समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ की महिला पदाधिकारी भी शामिल हैं। सभी मुकदमे खरगूपुर थाने में दर्ज किए गए हैं, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला वर्ष 2022 से चल रहा था। रुपईडीह ब्लॉक एक आकांक्षी ब्लॉक है और नीति आयोग की निगरानी में कार्यरत है। दिसंबर 2023 में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंकिता जैन के निर्देश पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद, ग्राम्य विकास आयुक्त के आदेश पर पूरे ब्लॉक की विस्तृत जांच कराई गई। लगभग एक साल तक चली इस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अब चार मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) विष्णु प्रजापति के अनुसार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ बनाए गए थे। नियमानुसार, प्रत्येक समूह को पहले 1.10 लाख और बाद में 1.50 लाख रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में दिए जाने थे। हालांकि, तत्कालीन बीएमएम कुलदीप कुमार की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर कहीं 13 लाख तो कहीं 42 लाख रुपये तक की रकम जारी करवा ली गई। चार अलग-अलग मामलों में जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें अवस्थी पेंट्स स्वयं सहायता समूह, फरेंदा शुक्ल में 21,21,531 रुपये के गबन के आरोप में अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव रंजना तिवारी, कोषाध्यक्ष जोखना देवी व बीएमएम कुलदीप कुमार नामजद हैं। भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ में 13,20,000 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अर्चना, सचिव राजरानी और कोषाध्यक्ष अंककुमारी पर केस दर्ज हुआ है। महिला शक्ति ग्राम संगठन, पचरन में 38,85,960 रुपये के गबन के मामले में अध्यक्ष अर्चना, सचिव नन्की, कोषाध्यक्ष कामू और बीएमएम कुलदीप कुमार आरोपी बनाए गए हैं। राधा महिला ग्राम संगठन,खरगूपुर डींगुर में 42,61,900 रुपये की हेराफेरी के आरोप में अध्यक्ष अंककुमारी, सचिव काजल तिवारी, कोषाध्यक्ष कांती देवी और बीएमएम कुलदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर शेषमणि पांडेय ने बताया कि सभी मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। घोटाले के खुलासे के बाद विकास विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।