शहजादनगर थाना क्षेत्र के मेघानगला गांव निवासी अमित कुमार ने शंकरपुर स्थित एक निजी अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रसव के दौरान उनकी चाची रंजनी के गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने इस मामले में शहजादनगर थाने में शिकायत दर्ज कराकर दोषी अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अमित कुमार के अनुसार, बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने अपनी चाची रंजनी को शंकरपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव की बात कही थी। हालांकि, कुछ ही समय बाद गर्भवती रंजनी की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद महिला चिकित्सक ने समय पर उचित इलाज नहीं किया। जब रंजनी की हालत और ज्यादा खराब हो गई, तब डॉक्टर ने अचानक उन्हें जिला अस्पताल रामपुर ले जाने की सलाह दी। आनन-फानन में परिजन गर्भवती को रामपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी है। अमित कुमार ने कहा कि यदि समय पर सही इलाज मिलता और अस्पताल ने लापरवाही नहीं बरती होती तो बच्चे की जान बच सकती थी। इसे सीधी चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए अमित कुमार ने शहजादनगर थाने में शिकायत पत्र दिया है। उन्होंने दोषी अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग से भी पूरे मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि निजी अस्पताल पैसे के लालच में मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं, निजी अस्पताल संचालक ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वे जांच के लिए तैयार हैं और उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। अस्पताल ने संभव इलाज प्रदान करने का दावा किया है।