धीरेंद्र शास्त्री बोले- लंदन में 3 PM के पर्चे खोले:हिंदू रील न बनाएं, जनसंख्या बढ़ाएं, टोपी नहीं टीका वालों की संगति करें

बांदा में कथा सुनाने पहुंचे पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मैं तीन बार लंदन जा चुका हूं। वहां तीन प्रधानमंत्री का ‘पर्चा खोलकर आया हूं। इसके अलावा युगांडा, न्यूजीलैंड और मॉरीशस के प्रधानमंत्रियों का भी ‘पर्चा खोल चुका हूं। मैं यहां पांच दिन की कथा में हिंदू-मुसलमान करने नहीं आया। मेरी बांदा के मुसलमानों से अपील है कि वे भी कथा में शामिल हों। लेकिन परहेज है तो आने की जरूरत नहीं। जब हम काबा नहीं जाते, तो फिर आप बाबा के यहां क्यों आते हो। मुसलमान बढ़ती जनसंख्या पर दो बच्चों के नियम का पालन नहीं कर रहे। मेरी हिंदुओं से अपील है कि जनसंख्या घटाने के बजाय संतुलन बनाए रखें। क्योंकि, जैसा बांग्लादेश में हो रहा, वैसे हालात यहां भी बन सकते हैं। इसलिए टोपी नहीं, टीका वालों की संगति करें। कथा से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबा बागेश्वर ने कहा- REEL और ट्रेंडिंग वाले जमाने में हिंदुओं से प्रार्थना है कि सोच-समझ कर भरोसा करें, ताकि भविष्य में पछतावा न हो। इससे पहले धीरेंद्र शास्त्री ने देर रात चित्रकूट में दुकान पर बैठकर चाय बनाई थी। खुद गरमा-गरम चाय पी और साथियों को भी पिलाई थी। इस दौरान एक श्रद्धालु मजाकिया लहजे में बोला- महाराजजी एक चाय हमें भी पिला दीजिए। इसके बाद सभी ठहाके लगाकर हंसने लगे। दरअसल, जयपुर से चित्रकूट पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने गुरुवार रात 11 बजे कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा की। 5 KM के परिक्रमा मार्ग पर लोगों ने फूल बिछाकर ‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयकारे लगाए। पहले 3 तस्वीरें देखिए… धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए स्क्रोल करिए…