शाहजहां-मुमताज की असली कब्रों का VIDEO:ताजमहल के मुख्य गुंबद के 22 फीट नीचे, यहां आने की अनुमति नहीं

आगरा के ताजमहल में टूरिस्ट मुगल बादशाह शाहजहां-मुमताज की प्रेम कहानी को जिन कब्रों को देखकर याद करते हैं, वे असल में नकली हैं। असली कब्रें मुख्य गुंबद और नकली कब्रों से 22.2 फीट नीचे आयताकार तहखाने में हैं। गुरुवार को ASI के अफसर 22 फीट नीचे तहखाने में उतरे। असली कब्रों को खोला गया। इसके बाद उर्स कमेटी ने गुसल की रस्म (कब्रों पर चंदन का लेप) अदा की। इसके साथ ही शाहजहां का 371वां उर्स (जन्मदिन) समारोह शुरू हुआ। दैनिक भास्कर के कैमरे में यह दृश्य कैद हुआ। चलिए आपको असली कब्रों तक जाने का रास्ता और वहां का हाल दिखाते हैं… मुमताज की कब्र पर सजावट नहीं, शाहजहां की कब्र पर रंगीन मोती जड़े टूरिस्ट के लिए बनाई नकली नक्काशीदार कब्र
ताजमहल के मुख्य गुंबद की ऊंचाई 73 मीटर है। मुख्य हॉल में जो संगमरमर की सुंदर नक्काशीदार कब्रें दिखती हैं, वे शाहजहां और मुमताज महल की नकली कब्रें (सेनोटाफ) हैं। ये कब्रें वास्तविक कब्रों के ऊपर बनाई गई हैं और टूरिस्ट इन्हें देख सकते हैं। अब ताजमहल के बनाए जाने की कहानी स्लाइड में पढ़िए- …………….. ये भी पढ़ें: ताजमहल में शाहजहां-मुमताज की असली कब्र खुली, 30 फीट नीचे तहखाने में उतरे अफसर, उर्स कमेटी ने फूलों की चादर चढ़ाई ताजमहल में गुरुवार को ASI के अफसर तहखाने में 30 फीट नीचे उतरे। शाहजहां-मुमताज की असली कब्र खोली गई। इसके बाद गुसल की रस्म (कब्रों पर चंदन का लेप) के साथ उर्स की शुरुआत हुई है। मुगल बादशाह शाहजहां का 371वां उर्स आज से शुरू हो गया है। ASI और उर्स कमेटी ने फूलों की चादर चढ़ाई। उर्स 3 दिन तक चलेगा। इस दौरान टूरिस्ट्स के लिए एंट्री फ्री रहेगी। पढ़िए पूरी खबर…