कानपुर के महाराजपुर में लव मैरिज के 4 महीने बाद पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया। वहीं दूसरी ओर मृतका के पिता ने बताया कि वह इस शादी के खिलाफ थे। उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था और नहीं चाहते थे कि यह शादी हो। इसके बाद भी उनकी बेटी ने घर से भागकर आरोपी के साथ शादी कर ली। अब आरोपी ने उनकी बेटी की हत्या कर दी है। पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी युवक शनिवार को खुद ही रोते हुए महाराजपुर थाने पहुंचा था और सरेंडर किया था। आरोपी का कहना था कि उसने गला दबाकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। रक्षाबंधन के दिन घर से भागी थी श्वेता
मूल रूप से फतेहपुर के गांव मोहनपुर थाना गाजी निवासी सचिन सिंह ने अपने ही गांव की श्वेता उर्फ रिया (20) के साथ प्रेम विवाह किया था। अगस्त में रक्षाबंधन के दिन मुस्कान प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई थी और कानपुर आकर उसने प्रेम विवाह कर लिया था। पिछले चार महीने से दोनों कानपुर में ही किराए का मकान लेकर रह रहे थे। शनिवार को सचिन ने अपनी पत्नी श्वेता की हत्या कर दी थी। पुलिस को जब घटना की जानकारी हुई थी तो पुलिस आरोपी को लेकर मौके पर पहुंची थी, जहां श्वेता का शव कमरे के अंदर चारपाई में पड़ा हुआ था। श्वेता की हत्या की सूचना मिलने के बाद उसके पिता राजकुमार रविवार को कानपुर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी, जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन आरोपी ने उनकी बेटी को बहला लिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद बेटी ने बयान बदल दिए थे, जिसके बाद आरोपी की जमानत हो गई थी। परिवार के लोग इस शादी के खिलाफ थे, लेकिन बेटी ने भागकर शादी कर ली। जिसके बाद श्वेता के परिवार के लोगों ने उससे संबंध खत्म कर लिए थे। लेकिन श्वेता की मां अपनी बेटी से बात करती रहती थी आरोपी ने की थी कोर्ट मैरिज
आरोपी सचिन ने श्वेता के साथ कोर्ट मैरिज की थी। घरवालों की नाराजगी के कारण वह श्वेता को लेकर सूरत गया था, जहां प्राइवेट नौकरी करता था। लेकिन इसके एक महीने बाद ही वापस आ गया था और कानपुर में रहने लगा था। महाराजपुर के रूमा में किराए के कमरे में रहने लगा। यहां उसने किराए पर ऑटो लेकर चलाना शुरू किया, लेकिन मुझे पत्नी पर शक होने लगा। उसके खाते में रुपए आए थे। पूछने पर बताती कि नानी ने पैसे भेजे हैं। पत्नी को रंगे हाथ पकड़ने के बाद मैंने आपा खो दिया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के सामने आरोपी ने यह बात की कबूल सचिन ने बताया- मेरे घर के सामने इंजीनियरिंग करने वाले 2 से 3 लड़के रहते हैं। शुक्रवार को मैं दोस्तों के साथ पार्टी करने गया था। मैंने श्वेता को रात 9 बजे कॉल किया और कहा- आ रात में घर नहीं आ पाऊंगा। उसने भी कहा- ठीक है, मैं भी थकी हुई हूं। जल्दी सो जाऊंगी। मुझे शक हो रहा था कि उसके जरूर अवैध संबंध हैं। मैं रात में साढ़े 11 बजे घर लौट आया। घर के नीचे का शटर रस्सी से बंधा रहता है। मैं उसे खोलकर ऊपर गया तो देखा तो कमरा खुला था। मैंने देखा कमरे के सामने रहने वाले दोनों युवकों के साथ पत्नी लेटी हुई थी। मैंने शोर मचाने लगा। पत्नी युवकों से बोली- इसे मारो नहीं तो बवाल करेगा। थोड़ी देर में बगल वाले लड़कों ने 112 नंबर पर कॉल कर दिया। पुलिस पहुंची और पूछताछ की तो लड़कों ने कहा- हम लोग बैठे थे। मैंने कहा- बताई सर, 1 बजे रात कौन बैठा रहता है। पुलिस हम सभी को साथ लेकर चौकी आ गई। बाद में मुझे और पत्नी को जाने को कहा। पुलिस ने कहा- घर जाकर लड़ाई मत करना। जब मैं पत्नी के साथ घर आया तो वो मुझसे लड़ने लगी। बोली- उन लड़कों को फंसाया तो मैं तुझे भी फंसा दूंगी। युवकों को सुबह तक छुड़ा लूंगी, लेकिन अब तुम नहीं बचोगे। पत्नी ने कहा- तू चाहे मुझे मार डाल, लेकिन मैं उन तीनों के साथ रहूंगी। मैंने भी गुस्से में उसका गला दबा दिया और वो मर गई। इसके बाद मैं भागकर घंटाघर पहुंचा। यहां 3 से 4 घंटे तक बैठा रहा। मुझे लगा कि हमने तो भागकर शादी की है। उसका भी कोई नहीं है और मेरा भी कोई नहीं है। इसलिए थाने चला आया। आरोपी को लेकर पुलिस उसके घर पहुंची। घर पर पत्नी का शव कंबल के नीचे बरामद हुआ। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसे रविवार को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है, जिसके बाद चार्जशीट दायर करके आरोपी को कोर्ट के माध्यम से सजा दिलाई जाएगी।