मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु संगम तट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे। तड़के सुबह से ही स्नान घाटों पर भारी भीड़ देखी गई, जहां ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगा’ के जयघोष गूंजते रहे। इस दौरान प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी ने पूज्य बटुक जी महाराज के साथ मिलकर संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। फूलों की वर्षा से श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया, जिन्होंने नगर प्रशासन के इस कदम का आभार व्यक्त किया। महापौर गणेश केसरवानी ने मौनी अमावस्या को सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। महापौर ने जानकारी दी कि नगर निगम और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश और यातायात प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की थी। बटुक जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि गंगा स्नान से तन और मन दोनों की शुद्धि होती है। उन्होंने मौनी अमावस्या को संयम, साधना और भक्ति का पर्व बताया। प्रशासन के साथ-साथ कई स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने भी संगम क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं। इनमें जल सेवा, प्राथमिक चिकित्सा, स्वच्छता अभियान और मार्गदर्शन केंद्र शामिल थे, जिससे पूरे शहर में सेवा और सहयोग का माहौल बना रहा। मौनी अमावस्या के इस अवसर पर प्रयागराज ने एक बार फिर सनातन आस्था और भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान के रूप में अपनी महत्ता साबित की।