‘मेरी दो पत्नियां पहले से हैं। गर्लफ्रेंड प्रीति तीसरी बीवी की तरह थी। बहुत प्यार करता था। मगर वो किसी और से बात करती थी। उससे मिलने भी जाती थी। मुझसे पैसे मांगती थी, न देने पर धमकाती थी। तंग आकर मर्डर का प्लान किया। 8 जनवरी को प्रीति को घर ले गया। सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। दो दिन तक लाश के साथ सोया और फिर कुल्हाड़ी से शव के टुकड़े किए। एक-एक कर सभी टुकड़ों को जला दिया। 17 जनवरी को राख ठिकाने लगाने निकला तो भेद खुल गया।’ झांसी में ये चौंकाने वाला कबूलनामा रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह परिहार (64) का है। जिसने 32 साल छोटी अपनी गर्लफ्रेंड प्रीति (32) की 8 जनवरी को हत्या की। लाश के टुकड़े कर जला दिए। अधजले अवशेष और राख नीले रंग के बक्से में भरी और ठिकाने लगाने निकला। 17 जनवरी को देर रात लोडिंग गाड़ी बुक किया। बक्से से बदबू और पानी गिरने पर ड्राइवर को शक हुआ। उसने पुलिस को सूचना दी। बक्से से राख के अलावा दो से 3 इंच की हड्डियां मिलीं। बाकी का पूरा शरीर जल चुका था। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। 20 घंटे तक आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा। बाद में वह पकड़ा गया। सुसाइड करने जा रहा था आरोपी
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया- पकड़े जाने के डर से राम सिंह नदी में कूदकर सुसाइड करने जा रहा था। तभी मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को भी अरेस्ट किया गया है। प्रीति की हत्या में गीता और नितिन ने भी राम सिंह का साथ दिया था। अब पढ़िए पूरी कहानी… 40 साल पहले गीता परिहार से की थी पहली शादी
आरोपी राम सिंह परिहार नंदनपुरा का रहने वाला है। वह रेलवे में जॉब करता था। उसने पुलिस को बताया- 40 साल पहले उसकी शादी गीता परिहार से हुई थी। एक बेटा शैलेंद्र और दो बेटियां है। तीनों की शादी हो चुकी है। शादी के 15 साल बाद गीता रायकवार से मुलाकात हुई थी। हम दोनों की दोस्ती हो गई और ये दोस्ती प्यार में बदल गई। बाद में हम लोगों ने शादी कर ली। दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी को छोड़ा
गीता की पहली शादी उदल रायकवार निवासी नरछा, उरई से हुई थी। अनबन होने के बाद गीता ने उदल को छोड़ दिया। उसकी पहली शादी से एक बेटा मनीष है। राम सिंह ने बताया कि गीता से शादी के बाद पहली पत्नी से अलग हो गया। हम दोनों फूटा चौपड़ा मोहल्ले में रहने लगे। दोनों को 20 साल पहले एक बेटा नितिन हुआ। सब कुछ ठीक चल रहा था। 10 साल पहले प्रीति से अफेयर शुरू हुआ
राम सिंह ने बताया कि मैं एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर काम करता था। वहां खाती बाबा निवासी प्रीति काम करने आती थी। 10 साल पहले प्रीति से दोस्ती हुई और हम दोनों में प्यार हो गया। प्रीति भी शादीशुदा है। उसकी दो बेटी और एक बेटा है। मैं प्रीति को बहुत प्यार करता था, लेकिन वो पैसों की लालची थी। 4 साल पहले मैं नौकरी से रिटायर्ड हो गया। वेतन आधी रह गई। गर्लफ्रेंड दूसरे से बात करती थी
राम सिंह ने पुलिस को बताया- कुछ समय से प्रीति के व्यवहार में बदलाव आ गया था। मुझे शक था कि वो किसी दूसरे युवक से बात करती है। पूछने पर ठीक से जबाव नहीं देती थी। हर वक्त पैसे मांगती थी। पहले ही अपनी पेंशन से मिले 20 लाख रुपए उसे दे चुका था। पैसे न मिलने पर प्रीति धमकाती थी। परेशान होकर मैंने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 7 दिन तक लाश के टुकड़े जलाए डेढ़ क्विंटल लकड़ियां खरीदी, बेटे से बक्सा मंगवाया
राम सिंह ने 10 जनवरी को सीपरी बाजार के एक मुक्तिधाम से अपने नाम की रसीद कटाकर डेढ़ क्विंटल लकड़ियां खरीदी थी। मुक्ति धाम से पुलिस को इसकी रसीद भी मिली है। लकड़ियां लेकर वह खुद घर आया। इसके बाद अपने बेटे नितिन से लोहे का बड़ा बक्सा मंगवाया। बेटे से मर्डर की बात छिपाई
नितिन ने चित्रा चौराहे के पास से यह बक्सा खरीदा था। नितिन के बक्सा लेकर पहुंचने पर राम सिंह ने उसे बाहर से ही वापस भेज दिया। नितिन मिनर्वा चौराहे पर वाहन स्टैंड में ड्यूटी करता है। राम सिंह ने उसे दूसरे दिन भी बुलवाया था, लेकिन ड्यूटी की वजह से वह नहीं आ पाया। लाश जलाने के बाद शव को बक्से में छिपाया
राम सिंह ने शव के टुकड़े जलाने शुरू कर दिए। पड़ोस के लोगों को शक न हो, इसलिए वो आधी रात के बाद ही टुकड़े जलाता था। उस दौरान तेज ठंड होने से आसपास के लोग अंदर कमरों में सोए रहते थे। शव के टुकड़े जलने के बाद अवशेष और राख को बक्से में रखा और शनिवार रात को बक्सा ठिकाने लगाने निकल पड़ा। 400 रुपए में बुक किया था लोडर रात में महिलाओं को कमरे पर लेकर आता था राम सिंह 7 दिन से लकड़ियां इकट्ठा कर रहा था
दुकानदार कामनी ने बताया- हमारे पड़ोस में राम सिंह 20 दिन पहले ही रहने आया था। 7 दिन से वो लकड़ियां लेकर आ रहा था। हम लोग सोचते थे कि तापने के लिए ला रहा है। पूछने पर कहता था कि चूल्हा जलाकर खाना बनाते हैं। मगर रात को पुलिस आई तो पता चला कि राम सिंह ने किसी महिला का मर्डर किया और लाश को जला दिया। पहले किराएदार से खाली कराया था मकान
लोगों ने बताया कि मकान में पहले दूसरे किराएदार रहते थे। मगर मकान मालिक ने एक महीने पहले मकान की बाउंड्री ऊंची कराई। इसके बाद किराएदार से मकान खाली करा लिया। उसकी जगह अपने जानकार राम सिंह परिहार को मकान किराए पर दे दिया। अब मकान की बाउंड्री ऊंची कराने में मकान मालिक भी शक के घेरे में आ गया है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर सकती है। बहू बोली- ससुर हत्या कर रिश्तेदारी में छुपा, हमने पकड़वाया
पहली पत्नी की बहू ने बताया- राम सिंह मेरे ससुर हैं। लेकिन हम लोगों को उनसे कोई लेना देना नहीं है। 30 सालों से उनका हमारे घर पर कम ही आना जाना है। हम लोगों ने भी रिश्ता तोड़ दिया था। ससुर की पहले से दो पत्नियां हैं, दोनों का नाम गीता है। अब उनके प्रीति नाम की महिला से प्रेम संबंध थे। हत्या के बाद ससुर रिश्तेदारी में छुपा था। तब उसको पुलिस से गिरफ्तार करा दिया। छोटी बहू बोली- पार्क में पहले गीता से बात की
दूसरी पत्नी की बहू प्रीति रायकवार ने बताया- ससुर राम सिंह शनिवार दोपहर को पार्क में आए थे। वहां सास गीता रायकवार और बच्चों को बुलाया। फिर शाम को दोबारा आए और बोले कि बह्म नगर वाले घर से सामान उठाकर लाना है। वो देवर नितिन और दोस्तों को लेकर चले गए। रात को लोडिंग से बक्सा लेकर आए। जब बक्सा खोला तो उसमें राख और हड्डियां पड़ी थी। दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया
रविवार को पुलिस जले हुए अंग के अवशेष और राख लेकर पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची। पंचनामा भरकर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। दो डॉक्टरों ने पैनल में पोस्टमॉर्टम किया। वीडियोग्राफी भी की गई। मगर पूरा शव जल चुका था। राख के अंदर दो से तीन इंच के हड्डियों के टुकड़े मिले हैं। इसे कलेक्ट करके जांच के लिए भेजा गया है। एक कॉल से पुलिस के पकड़ में आया नदी में कूदकर जान देने जा रहा था राम सिंह
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया- राम सिंह और प्रीति के बीच 10 साल से अफेयर था। अब प्रीति ब्यूटी पार्लर संचालक फौजी से बात करने लगी थी, तो ये बात राम सिंह को नागवार गुजरी। प्रीति जब पैसे मांगती तो राम सिंह की दूसरी पत्नी गीता रायकवार और उसके बेटे नितिन को ये बात खटकती थी। पानी डालकर बुझाई थी आग
एसएसपी ने बताया- आरोपी राम सिंह ने आग बुझाने के लिए संदूक में पानी डाल दिया था। जब लोडर चालक संदूक को ले जा रहा था तो संदूक उतारते समय तिरछा हो गया। इससे पानी गिरा और बदबू आई। तब चालक को शक हुआ, तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपी के बेटे नितिन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि प्रीति की हत्या कर लाश जलाई गई है। पुलिस ने 18 घंटे में पूरे मामले का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लोडर चालक की भूमिका सराहनीय रही। उसने सजगता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी। इस वजह से यह केस ट्रेस हो पाया है। उसको सम्मानित किया जाएगा। प्रशस्ति पत्र भी देंगे। —————- ये भी पढ़ें- प्रयागराज माघ मेला- पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका:साधु को पीटा, पालकी खींच ले गए; शंकराचार्य स्नान नहीं कर पाए प्रयागराज माघ मेले में रविवार को मौनी अमावस्या के स्नान के लिए आए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। पुलिस ने उनसे पैदल संगम जाने को कहा। शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने और पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे। इस पर शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने एक साधु को चौकी में पीटा। पढ़िए पूरी खबर…