पीलीभीत के बीसलपुर विकासखंड में एक सरकारी गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा और मौत के मामले में राष्ट्रीय योगी सेना ने जमकर हंगामा किया। राजुपुर कुंडरी स्थित गौशाला में दर्जनों गोवंश मृत पाए गए और कई बीमार थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने ग्राम प्रधान पति और केयरटेकर के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह मामला तब सामने आया जब राजुपुर कुंडरी गौशाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में मृत गोवंशों के अवशेष बिखरे हुए और जीवित पशुओं की दयनीय स्थिति दिखाई दे रही थी। सूचना मिलने पर राष्ट्रीय योगी सेना के जिला अध्यक्ष (युवा मोर्चा) गौरव राजपूत के नेतृत्व में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। गौशाला के भीतर का दृश्य विचलित करने वाला था। वहां 10 से अधिक गोवंश मृत अवस्था में पड़े थे, जबकि लगभग एक दर्जन गोवंश गंभीर रूप से घायल और बीमार थे। मृत पशुओं पर कुत्ते और पक्षी मंडरा रहे थे, जिससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हो रही थी। इस स्थिति को देखकर राष्ट्रीय योगी सेना के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गौशाला के गेट पर धरना शुरू कर दिया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी नागेंद्र पांडे, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार शुक्ला और कार्यवाहक पशु चिकित्सक डॉ. अमित कुमार मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गौशाला में फैली गंदगी और पशुओं के रखरखाव में भारी लापरवाही की पुष्टि हुई। योगी सेना की मांग और मौके की स्थिति को देखते हुए एसडीएम नागेंद्र पांडे ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस को गौशाला के केयरटेकर और ग्राम प्रधान पति शमशुल हसन के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान पति शमशुल हसन को हिरासत में ले लिया है। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने पुष्टि की है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।