संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और कुख्यात फरार गैंगस्टर शारिक उर्फ साठा के घर की बुधवार को कुर्की की गई। कोर्ट के आदेश पर सुबह 11 बजे ही 5 थानों नक्खाशा, रायसत्ती, संभल कोतवाली, हयातनगर और AHTU के 100 से अधिक पुलिसवाले साठा के घर पहुंचे। नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा पजाया में स्थित घर के आसपास पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रशासन ने पहले इलाके में डुगडुगी बजाकर एक्शन के बारे में अनाउंस किया। फिर साठा के घर पर कुर्की की कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, चार मंजिला पुश्तैनी मकान साठा समेत 4 भाइयों का है। इसकी पहली मंजिल साठा की है, जिस पर एक्शन लिया गया। टीम ने घर में घुसकर जांच पड़ताल की। फिर चारपाई से लेकर टिन के डिब्बे जैसे सामान जब्त करने के बाद घर पर ताला लगा दिया। इस बीच साठा के छोटे भाई की पत्नी ने बताया- यह मकान किसी के नाम पर नहीं है। दो भाई सादिक और फायक यहां रहेंगे, यही तय हुआ था। हमारे दो परिवार यहां रहते हैं। अब पुलिस इसे सील कर रही तो हमारा दिल दुख रहा है। हमारे जेठ पर गलत आरोप लगा है। जो इंसान 9 साल से गायब हो, वह हिंसा कैसे करवा सकता है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया- शारिक साठा 2020 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश छोड़कर फरार हो गया था। वह अभी विदेश में छिपा है। कुर्की के बाद उसके रिश्तेदार भी अब संपत्ति का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। कुर्की की कार्रवाई की तस्वीरें देखिए… दुबई में बैठकर बनाई थी संभल हिंसा की प्लानिंग … फर्जी नाम-पते पर बनवाया पासपोर्ट पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने बताया था कि शारिक हिंसा में वांछित है। जांच के दौरान पुलिस को उसका एक पासपोर्ट मिला, जो हुसैन पुत्र ख्वाजा शारिक हुसैन के नाम से 18 अगस्त 2020 को दिल्ली से जारी हुआ था। इसमें दिल्ली के बुराड़ी स्थित B-5609, गली नंबर-115, संतनगर का पता दर्ज था। जब संभल पुलिस उस पते पर जांच करने पहुंची, तो पता चला कि शारिक वहां कभी रहा ही नहीं। इससे साफ है कि उसने अपने खिलाफ दर्ज 60 से अधिक मुकदमों को छिपाकर फर्जी नाम और पते से पासपोर्ट बनवाया। इमिग्रेशन रिकॉर्ड के अनुसार, पासपोर्ट बनने के करीब एक महीने बाद सितंबर 2020 में वह दुबई चला गया और तब से भारत नहीं लौटा। सोने की तस्करी और ISI लिंक का दावा भारत-नेपाल बॉर्डर पर हथियार फैक्ट्री की साजिश जांच में यह भी सामने आया था कि दिल्ली के जाफराबाद निवासी सलीम पिस्टल से शारिक साठा की दुबई में मुलाकात हुई थी। सलीम पाकिस्तान से हथियार तस्करी के लिए कुख्यात है। इसी साल नेपाल में हथियार व सोने की तस्करी करते पकड़ा गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि शारिक साठा और सलीम पिस्टल भारत–नेपाल बॉर्डर पर अवैध हथियारों की सबसे बड़ी फैक्ट्री खोलने की योजना बना रहे थे। इससे पहले ही सलीम नेपाल में पकड़ा गया, जबकि शारिक अभी भी दुबई में फरार है। अब जानिए कैसे भड़की थी संभल हिंसा… 24 नवंबर 2024 को संभल में मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। 19 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद को श्री हरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में पेश किया गया था। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ। दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर 2024 को किया जाना था, तभी हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सर्वे का विरोध करते हुए हिंसा भड़क उठी। पुलिस पर पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। हिंसा में पुलिस वाले भी घायल हुए थे
संभल हिंसा के दौरान एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। संभल कोतवाली और थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत कई लोगों को नामजद किया गया था। कुल 2200 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया। 134 आरोपी जेल भेजे गए, मुख्य साजिशकर्ता फरार ———————————– ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद में पति की जीभ काटकर पुलिसवालों से भिड़ी:बोली- REEL बनाने से रोकता था, 6 महीने में 10 बार पीट चुकी हूं ‘मैंने शादी के बाद पति और सास को बता दिया था कि मैं अपनी शर्तों पर ही ससुराल में रहूंगी। मुझसे झगड़ा मोल मत लेना, अगर किसी ने मुझे ‘तू’ भी कहा, तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी।’ ये कहना है गाजियाबाद की ईशा का, जिस पर पति विपिन की जीभ काटने का आरोप है। पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है। पूरी खबर पढ़िए…