साले की हत्या में जीजा और मामा को उम्रकैद:फिरोजाबाद कोर्ट ने भाई को भी 15 साल की सजा सुनाई, एक लाख का जुर्माना

फिरोजाबाद में साले की गोली मारकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। खैरगढ़ थाना क्षेत्र के नगला जयकिशन गांव में वर्ष 2021 में हुए पुष्पेंद्र हत्याकांड में दोषी पाए गए जीजा धरवेन्द्र और उसके मामा पंचम सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। हत्या में शामिल धरवेन्द्र के भाई दौलतराम को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा मिली है। यह घटना 17 मई 2021 की रात की है, जब पुष्पेंद्र अपनी बहन के घर आया हुआ था। रात में वह अपने बहनोई धरवेन्द्र के घर एक कमरे में सो रहा था। इसी दौरान पारिवारिक विवाद और बहन से अवैध संबंधों के शक के चलते जीजा धरवेन्द्र ने अपने मामा पंचम सिंह और भाई दौलतराम के साथ मिलकर पुष्पेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद मामले को अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई वारदात दिखाने का प्रयास किया गया। मृतक के पिता की तहरीर पर खैरगढ़ थाने में मुकदमा संख्या 52/2021, धारा 302 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद श्री सौरभ दीक्षित के निर्देश पर एसओजी और सर्विलांस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 32 दिनों के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। लगातार प्रभावी पैरवी और पुलिस मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप, माननीय न्यायालय (विशेष पॉक्सो कोर्ट) ने इस मामले में हाल ही में यह फैसला सुनाया है। इस मामले में सजा दिलाने में थाना प्रभारी खैरगढ़, विवेचक, अभियोजक अवधेश शर्मा, पुलिस मॉनिटरिंग सेल और पैरोकार हेड कांस्टेबल योगेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।