लखनऊ में 100 से ज्यादा खातों से लाखों रुपए गायब:बेटियों की शादी की डेट कैंसिल, बैंक मित्र ने आलीशान घर बनवाया

‘ भैया क्या बताएं… तीन बेटियां हैं। उनकी शादी के लिए एक-एक रुपया जोड़कर 2 साल पहले 7 लाख 80 हजार रुपए की एफडी कराई थी। सोचा था ये पैसा बेटियों की शादी में काम आएगा। पिछले साल नवंबर में जैसे-तैसे करके एक बेटी की शादी की थी। दूसरी की 18 फरवरी को शादी होनी है। उसके लिए जब एफडी तुड़वाकर उसका पैसा निकालने गए, तो पता चला कि खाता खाली है। इससे होश उड़ गए। बेटी की शादी की डेट बढ़ानी पड़ी है।’ यह दर्द पारा के रहने वाले राम नरेश का है। वह बैंक मित्र की धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। बैंक मित्र शिवा ने इन लोगों से धोखाधड़ी कर खुद का आलीशान घर बनवा रखा है। दैनिक भास्कर टीम ने उनसे बातचीत की। आंखों में आंसू भरे रामनरेश ने कहा- ठगों ने सबकुछ बर्बाद कर दिया। यह पीड़ा सिर्फ राम नरेश की ही नहीं, अन्य कई लोगों की भी है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले 2 तस्वीरें देखिए… सिलसिलेवार पढ़िए पीड़ितों का दर्द… एक-एक पैसा जोड़ा था, सब कुछ खत्म हो गया राम नरेश ने कहा- मेरे 4 बच्चे हैं। उनमें 3 बेटियां और 1 बेटा है। साइकिल मरम्मत की दुकान करके परिवार का पालन-पोषण करता हूं। बेटी की शादी से पहले बैंक वालों ने बहुत बड़ा झटका दिया है। फर्जीवाड़े की वजह से बेटी की शादी की तारीख बढ़ानी पड़ी है। बैंक प्रबंधन, पारा थाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शिकायत की है, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। पिता ने जमीन बेचकर करवाई थी एफडी सलेमपुर पतोरा निवासी जानकी ने बताया कि उनके पिता ने जमीन बेची थी। उससे मिले 33 लाख 35 हजार रुपए आरटीजीएस के जरिए करीब ढाई साल पहले खाते में जमा कराए थे। इसमें से 20 लाख रुपए की एफडी करवा दी थी। एक सप्ताह पहले निजी काम के लिए बैंक से पैसा निकलवाने पहुंचे तो पता चला कि खाते में सिर्फ 46 हजार रुपए हैं। बाकी सारा पैसा गायब है। इसको लेकर के जब बैंक कर्मियों से बात की तो उल्टा-सीधा जवाब देकर वापस कर दिया। बाद में बैंक कर्मचारी भी बदल दिए गए। छात्रा के खाते से भी गायब हुए पैसे न्यू हैदरगंज रोड निवासी शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा रंजना राजपूत ने बताया कि उनके खाते से ढाई लाख रुपए थे। ये पैसे कई महीनों से जोड़ रहे थे। सोचा था कि पैसे भविष्य में काम आयेंगे। जब पैसा निकलवाने पहुंचे तो पता चला कि खाते में सिर्फ 1200 रुपए हैं। उन्होंने बताया कि पैसा बैंक में ही आकर जमा करते थे। इसकी रशीद भी मिलती थी। कभी सोचा नहीं था कि बैंक से भी पैसे गायब हो जाएंगे। खबरों से मिली फ्रॉड की जानकारी सलेमपुर पतोरा की रहने वाली अंजली के खाते से 3 लाख 80 हजार रुपए गायब हो गए। उन्होंने बताया कि खबरों से पता चला कि बैंक ऑफ बड़ौदा में खातों से पैसे गायब हो गए हैं। उसके बाद जब खुद बैंक पहुंच कर अपना खाता देखा तो मेरे खाते से भी जमा रकम गायब मिली। खाते में सिर्फ 6000 रुपए बचे हैं। बाकी के पैसे कहां गए किसने निकले कुछ पता नहीं, किसी तरह का कोई ओटीपी भी फोन नंबर पर नहीं आया। स्कॉलरशिप का पैसा जाने का खतरा शकुंतला विश्वविद्यालय के फार्मेसी छात्र करण यादव ने बताया- मैं फार्मेसी का छात्र हूं। मेरा बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता है। बैंक लगातार हो रहे फ्रॉड को देखते हुए डर लग रहा है कि कहीं मेरी स्कॉलरशिप का पैसा भी यह लोग गायब न कर दें। अगर भविष्य में पैसा गायब होता है तो इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ेगा। मोहन नाम के खाते में ट्रांसफर हुए पैसे पीड़ितों ने बताया कि ज्यादातर खातों से पैसे मोहान नामक खाते में ट्रांसफर हुए हैं। 17 से ज्यादा खातों से मोहन नामक खाते में करीब एक करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए हैं। खाता धारक लगातार इस खाते की जानकारी बैंक कर्मचारियों से मांग रहे हैं लेकिन वह खाते की जानकारी नहीं दे रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि बैंक के कर्मचारियों ने मिलीभगत करके इसी खाते में लोगों के पैसे ट्रांसफर करवाए हैं। ‘बैंक के अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा किया’ बैंक पहुंचे जानकी ने बताया- मेरे खाते में 33.35 लाख रुपए थे। पिताजी ने जमीन बेची थी। उसी का पैसा उन्होंने आरटीजीएस के जरिये भेजा था। मैंने उन्हीं रुपयों में 20 लाख की एफडी करा ली। उसके बाद खाते में 13.35 लाख रुपए बचे। 14 जनवरी को जब मैं 6 हजार रुपए निकालने आया तो बैंक मैनेजर ने बताया कि तुम्हारे खाते में अब केवल 46 हजार रुपए बचे हैं। मैंने तो किसी बैंक मित्र से नहीं जमा कराया था। मेरे रुपए कैसे गायब हुए? पिछले 3 साल में इस बैंक के सारे स्टाफ का ट्रांसफर हो गया। जिन लोगों के समय में ये रुपए जमा किए थे उनमें अब कोई नहीं है यहां। अगर वे आएंगे तो हम पहचान लेंगे। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला… शकुंतला विश्वविद्यालय परिसर में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा है। यहां पारा, बुद्धेश्वर और काकोरी सहित आसपास के तमाम लोगों के खाते खुले हैं। आरोप है यहां पर तैनात बैंक मित्र शिवा ने बैंक कर्मियों के साथ मिलकर 100 से ज्यादा खाता धारकों के खाते से पैसा गायब कर दिए। ये रकम करीब 5 करोड रुपए आंकी जा रही है। दो आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में पारा पुलिस ने बैंक मित्र शिवा राव और उसके सहयोगी रहे पूर्व सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 2.38 लाख रुपए और बैंक से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सहयोगी दिलीप कुमार दुबग्गा के दौलतखेड़ा का रहने वाला है। पहले इसी बैंक परिसर के एटीएम बूथ में सिक्योरिटी गार्ड था। वर्ष 2019 में नौकरी से हटाए जाने के बाद भी दिलीप बैंक परिसर में चाय पिलाने और बैंक खोलने बंद करने का काम करता था। 2020 से जाली एफडी देना शुरू किया पुलिस के अनुसार, वर्ष 2020 से शिवा ने ग्राहकों को जाली एफडी देना शुरू कर दिया। इस फर्जीवाड़े में दिलीप ने नकली दस्तावेज तैयार करने और रकम के लेनदेन में अहम भूमिका निभाई। ठगी से जुड़े सबूत शिवा के मोबाइल में मौजूद थे, जिसे उसने तोड़ दिया था। इसके साथ ही जांच में सामने आया है कि 2020 से अब तक बैंक में चार अलग-अलग मैनेजर तैनात रहे हैं। मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए इन सभी से पूछताछ की जाएगी। प्रदर्शन के बाद आरोपी गिरफ्तार हुए पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें बैंक कर्मी एक महीने से गुमराह कर रहे थे। 14 जनवरी को इसे लेकर कई खाताधारकों ने बैंक में प्रदर्शन भी किया था। मौके पर पारा पुलिस भी पहुंची थी। उस समय आरोपी शिवा बैंक में ही मौजूद था। ये सब लगातार पांच दिनों तक चलता रहा। पांच दिन बाद 19 जनवरी को पुलिस ने आरोपी शिवा और उसके सहयोगी दिलीप को पकड़ कर जेल भेजा। करोड़ों के मकान की हो सकती है कुर्की पुलिस को जानकारी मिली है कि शिवा ने राजाजीपुरम के सरीपुरा इलाके में करोड़ों का आलीशान मकान बनवाया है। अब यह जांच की जा रही है कि मकान कब और किन पैसों से बनाया गया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मकान किसके नाम पर है? यदि यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से बनाई गई पाई जाती है तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि दो आरोपियों गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। मामले की विस्तृत जांच चल रही है। बैंक का कोई अन्य कर्मचारी संलिप्त मिलता है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। शाखा प्रबंधक हटाए गए शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बैंक मित्र शिवा के द्वारा करोड़ों की ठगी के मामले में ग्राहकों का आक्रोश मंगलवार को फूटा था। बड़ी संख्या में बैंक पहुंचे ग्राहकों ने बैंक अफसरों पर मिलीभगत का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया था। उन्हें भ्रष्टाचारी कहकर जमकर हंगामा किया था। नारेबाजी कर ठगी की रकम वापस कराने की मांग की थी। दोपहर में शाखा प्रबंधक हिमांशु कुकरेती को ब्रांच से हटा दिया गया था। ———————– ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ में बैंक मित्र का सहयोगी भी गिरफ्तार : बैलेंस चेक कराने के लिए ब्रांच में लगी भीड़, कई लोगों के खाते से रुपए गायब लखनऊ में लोगों की फर्जी FD करने वाले बैंक मित्र का सहयोगी भी गिरफ्तार हो गया है। वह बैंक ब्रांच में सबको चाय पिलाता था। यहीं से उसकी बैंक अधिकारियों से जान-पहचान हुई। उसने बैंक मित्र शिवा का सहयोग किया। लोगों की FD उसी से करवाई। शिवा ने इन हड़पे पैसों से राजाजीपुरम में आलीशान घर बनवा रखा है। (पूरी खबर पढ़िए)