पाकिस्तान के साथ 1971 की वो जंग जो जमीन और आसमान के साथ समंदर की गहराइयों में भी लड़ी गई। डूबते जहाज के कैप्टन ने अपनी लाइफ जैकेट जूनियर को पहना दी और खुद जहाज के साथ पानी में समा गया। एक जांबाज घायल होकर अस्पताल पहुंचा और चार दिन बाद ही फिर से मोर्चे पर आ खड़ा हुआ। ये कहानियां है उत्तर प्रदेश के वीर सपूतों की, जिन्होंने दुश्मन को दफ्न करके ही तिरंगा ओढ़ना मंजूर किया। गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता और बलिदान की कहानियां। कल यानी 23 जनवरी से पढ़िए, देखिए और सुनिए दैनिक भास्कर की नई सीरीज ‘यूपी के योद्धा’।