सीतापुर सपा कार्यालय खाली कराने की नोटिस वापस:नगर पालिका परिषद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दी जानकारी, याचिका निस्तारित

सीतापुर में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय को खाली कराने संबंधी नोटिस नगर पालिका परिषद ने वापस ले ली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई के दौरान नगर पालिका ने न्यायालय को यह जानकारी दी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की पीठ ने समाजवादी पार्टी द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिका में नगर पालिका परिषद, सीतापुर द्वारा 7 जनवरी को जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने न्यायालय को बताया कि नोटिस में जिस भूमि (टाउन हॉल प्रांगण) को नजूल की भूमि बताया गया है, उसे 15 जनवरी 2005 को पार्टी कार्यालय के लिए आवंटित किया गया था। हालांकि, यह आवंटन चार महीने बाद 14 मई 2005 को रद्द कर दिया गया था। अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि नोटिस तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा प्रश्नगत जमीन 90 साल के पट्टे पर पार्टी कार्यालय बनाने के लिए दी गई थी। सपा कार्यालय इसी 90 साल की लीज डीड के आधार पर बना है, न कि 15 जनवरी 2005 के आवंटन के आधार पर। गुरुवार को सुनवाई के दौरान नगर पालिका के अधिवक्ता ने कोर्ट को सूचित किया कि 7 जनवरी की नोटिस उसी दिन वापस ले ली गई है और याची को भी इसकी सूचना दे दी गई है। उन्होंने बताया कि आगे यथोचित नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस पर न्यायालय ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि नई कार्रवाई होने पर याची उसे चुनौती दे सकता है।