झांसी न्यायालय स्थित विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर दो लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला साल 2022 में उल्दन थाना क्षेत्र में सात साल की बच्ची से रेप के मामले में आया है। अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 17 नवंबर 2022 को उल्दन थाने में पीड़िता की मां ने गांव के ही रहने वाले रविन्द्र अहिरवार के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में महिला ने बताया था कि वह खेती के काम से खेत पर गई हुई थीं और घर पर उनकी सात साल की बेटी अकेली थी। इसी दौरान आरोपी रविन्द्र अहिरवार घर पहुंचा और बच्ची को बहला-फुसलाकर पास ही स्थित एक खंडहर में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला खेत से वापस लौट रही थीं तो उन्होंने आरोपी को खंडहर से अस्त-व्यस्त कपड़े ठीक करते हुए भागते देखा। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बच्ची बेहद डरी हुई थी और उसके निजी अंगों में गंभीर चोटें थीं।पूछताछ करने पर बच्ची ने आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। मामले की सुनवाई के बाद गुरुवार को अदालत ने रविन्द्र अहिरवार को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।