राष्ट्रीय सुरक्षा का संदेश लेकर निकलेगी ‘वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन’:28 जनवरी से 22 फरवरी तक CISF का राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान, लखनऊ एयरपोर्ट भी जुड़ेगा

देश की आंतरिक और तटीय सुरक्षा को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) 28 जनवरी से ‘वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन’ का आयोजन करने जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 22 फरवरी तक चलेगा और भारतीय तटरेखा के हजारों किलोमीटर लंबे मार्ग को कवर करेगा। इस अभियान के माध्यम से तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति जनभागीदारी को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा। 6553 किलोमीटर लंबा सफर, 130 जवान होंगे शामिल ‘वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन’ में CISF के 130 अधिकारी और जवान भाग लेंगे, जो भारतीय तटीय क्षेत्र के लगभग 6553 किलोमीटर लंबे मार्ग पर साइक्लिंग कर जागरूकता फैलाएंगे। यह साइक्लोथॉन न केवल बल की परिचालन क्षमता और अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसके दृढ़ संकल्प को भी रेखांकित करता है। तटीय सुरक्षा और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर फोकस इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों को मादक पदार्थों, हथियारों, विस्फोटकों की तस्करी और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति सतर्क करना है। CISF का मानना है कि सुरक्षा तभी मजबूत हो सकती है, जब आम नागरिक भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर साझा करें। लखनऊ एयरपोर्ट से वर्चुअल सहभागिता इस साइक्लोथॉन से लखनऊ एयरपोर्ट भी वर्चुअल माध्यम से जुड़ रहा है। CISF के अधिकारी और जवान यहां से अभियान को समर्थन देंगे और यात्रियों के माध्यम से इसका संदेश देशभर में फैलाया जाएगा। यह पहल यह दर्शाती है कि तटीय सुरक्षा का दायित्व केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश की साझा जिम्मेदारी है। एयरपोर्ट पर जागरूकता अभियान तेज CISF के वरिष्ठ कमांडेंट अनुप कुमार ने बताया कि बल मुख्यालय के निर्देशानुसार लखनऊ एयरपोर्ट के टर्मिनल प्रवेश द्वार, आगमन और प्रस्थान हॉल, चेक-इन एरिया, सुरक्षा जांच क्षेत्र समेत प्रमुख स्थानों पर जागरूकता संबंधी प्रचार सामग्री प्रदर्शित की जा रही है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों तक इस अभियान का संदेश पहुंचाना है। कोच्चि में होगा समापन, देगा मजबूत संदेश यह प्रेरणादायी साइक्लोथॉन 22 फरवरी को कोच्चि में अपने समापन के साथ “सुरक्षित तट और समृद्ध भारत” का सशक्त संदेश देगा। आयोजन के माध्यम से न केवल सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि देशवासियों में देशभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी और