‘यह तय है कि पंचायत चुनाव अपने समय पर ही होंगे। एसआईआर का काम 6 फरवरी तक चलेगा। मतपत्रों की छपाई हो रही है और आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा। काम लगातार जारी है।’ यह कहना है, यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का। ओपी राजभर शनिवार को सुल्तानपुर में थे। यहां वह उत्तर प्रदेश दिवस पर हुई एक प्रदर्शनी में शामिल हुए। पढ़िए राजभर के बड़े बयान… ‘शंकराचार्य स्नान कर घर जाएं’
ओपी राजभर ने शंकराचार्य विवाद को लेकर मुख्यमंत्री योगी के ‘कालनेमि’ वाले बयान का समर्थन किया। कहा- मुख्यमंत्री की मंशा थी कि जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने जा रहे थे, तब कालनेमि ने बाधा डाली थी। इसी तरह जो लोग आस्था के साथ स्नान करने आ रहे हैं, उन्हें बाधा नहीं डालनी चाहिए। शंकराचार्य को स्नान करके अपने घर जाना चाहिए। मंदिर में पूजा-पाठ करना चाहिए, न कि सरकार से या आपस में टकराव करना चाहिए। कोई अप्रिय घटना हुई तो सरकार जिम्मेदार नहीं
राजभर ने कहा- माघ मेले में जनता एक तरफ वीआईपी कल्चर क खत्म करने की बात करती है। दूसरी तरफ उसी कल्चर की मांग करती है। बिना अनुमति कहीं भी प्रवेश करने पर किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी सरकार की नहीं होगी। शंकराचार्य को ऐसा नहीं करना चाहिए। देश में वोट खरीदने की दुकान कहां है?
ओपी राजभर ने यूपी सरकार में मंत्री अनिल राजभर के सुभासपा कार्यकर्ताओं को चोर और गुंडे कहने वाले बयान पर चुप्पी साध ली। कहा कि ये उनका मत है, जनता का मत नहीं है। शुक्रवार को 10 हजार लोग आजमगढ़ के खजूरी मझौलिया विधानसभा क्षेत्र में मेरी सभा में जुटे थे। ये जनता का प्यार ही तो है। जनता हम लोगों की लड़ाई और विचार से प्रभावित है। जनता सर्वोपरि है व्यक्ति नहीं। अनिल राजभर के वोट खरीदने वाले बयान पर ओपी राजभर ने पलटवार करते हुए कहा- पूरे देश में कोई माई का लाल हमें वो दुकान बता दे जहां वोट बेचा जाता हो। ये बेवजह की बयानबाजी है। सपा-बसपा सरकार में दंगे होते थे
राजभर ने कहा- योगी सरकार में यूपी में अमन-चैन है। इसी प्रदेश में सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों में दंगे होते थे। कर्फ्यू लगते थे। योगी राज में एक भी दंगा नहीं हुआ। न कहीं कर्फ्यू लगा। पूरे 75 जिलों में कोई भी छुटपुट घटनाएं हो भी रही हैं, तो तुरंत पुलिस सक्रिय है। 24 से 48 घंटे के अंदर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाता है। कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि ये फर्जी हो रहा है, तो हम और आप भी घूम रहे हैं। हम लोगों के साथ क्यों कुछ नहीं होता? जो गलत है, उसके साथ कानून अपना काम करेगा। मंत्री अनिल राजभर ने ओपी राजभर को चोर कहा था यूपी सरकार के मंत्री अनिल राजभर 23 जनवरी को ओमप्रकाश राजभर पर भड़क गए थे। उन्होंने राजभर और उनके समर्थकों को चोर तक कह दिया था। वाराणसी के सुहेलदेव पार्क में महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती मनाई जा रही थी। मंच से अनिल राजभर महाराजा सुहेलदेव के बारे में बता रहे थे। इसी बीच पीला गमछा पहने ओपी राजभर के समर्थक नारेबाजी करने लगे। पहले तो आयोजकों ने नारेबाजी कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। यह देख अनिल राजभर आगबबूला हो गए। मंच से ही अनिल राजभर ने कहा- जैसे इनके नेता चोर हैं, वैसे ही ये सब हैं। समाज को बेचने का काम करते हैं। इन सभी को यहां से बाहर किया जाए। इसके बाद ओपी राजभर के समर्थकों को अनिल राजभर के समर्थकों ने कार्यक्रम स्थल से बाहर करना शुरू कर दिया था। ———————— ये खबर भी पढ़ें अखिलेश बोले- मुख्यमंत्री नोएडा इंजीनियर की मौत के जिम्मेदार, SIR में ‘फातिमा’ के घर में ‘राधा’ रह रहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- नोएडा में साफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के जिम्मेदार मुख्यमंत्री हैं। अगर डीएम को हटा दोगे तो वोटर लिस्ट ठीक नहीं हो पाएगी। कम से कम पुलिस अधिकारी को हटाना चाहिए था जिसकी वजह से जान गई। लेकिन लड़के के खिलाफ ही बोलने लगे। बीजेपी का ये चरित्र बहुत खराब है। पूरी खबर पढ़ें