प्रभारी मंत्री ने ‘कालनेमि’ बयान का किया समर्थन:सोनभद्र में बोले- कुछ लोग हैं जो पहने तो गेरुआ लेकिन गुमराह कर रहे, सब AI का कमाल है

सोनभद्र में उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने शंकराचार्य विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमि’ वाले बयान का समर्थन किया है। माघ मेला प्रशासन द्वारा बटुकों की चोटी पकड़ कर मारने के सवाल पर प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि इसमें कोई सत्यता नहीं है,सब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का कमाल है। मंत्री ने कहा कि रामायण काल में भी एक व्यक्ति गेरुआ वस्त्र पहनकर के हनुमान जी को गुमराह किया था जब हनुमान जी जड़ी बूटी लाने जा रहे थे तो उन्हें गेरुआ वस्त्र पहनकर गुमराह किया था ऐसा ही कुछ लोग हैं जो पहने हैं तो गेरुआ लेकिन गुमराह कर रहे हैं इसी तरह जो लोग आस्था के साथ स्नान करने आ रहे हैं, उन्हें बाधा नहीं डालनी चाहिए। बता दे कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी में संगम स्नान के लिए जा रहे थे। आरोप है कि मेला पुलिस ने उनकी पालकी रोक दी और उन्हें पैदल जाने को कहा। इस दौरान शिष्यों और श्रद्धालुओं के साथ धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद नाराज होकर शंकराचार्य शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि आज धर्म की आड़ में कुछ लोग सनातन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग बाहर से साधु दिखते हैं, लेकिन भीतर से कालनेमि हैं। सीएम योगी के इस बयान को सीधे तौर पर शंकराचार्य विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।