आजमगढ़ में 16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर हरिऔध कला केन्द्र आजमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त विवेक द्वारा तिरंगे रंग का गुब्बारा उड़ाकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने उपस्थित मतदाताओं को अपने देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करने की शपथ दिलाई गयी। मण्डलायुक्त ने 16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें देते हुए कहा कि आज का यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता नही है। बल्कि मतदान एवं मताधिकार लोकतंत्र की नीव है, हमारे राष्ट्र की आधारशीला है। उन्होने कहा कि मतदान करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होने कहा कि हमारा देश केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि यह नागरिकों से मिलकर बनता है। जब तक नागरिक अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझेंगे। राष्ट्र के प्रति उनकी भावना अधूरी रहेगी। उन्होने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को उनके प्राथमिक दायित्व के प्रति सचेत रहना चाहिए। मण्डलायुक्त ने जिला प्रशासन, बीएलओ, शिक्षकों और सुपरवाइजरों द्वारा पिछले कुछ महीनों में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता अनिवार्य है। इसलिए आगामी चुनावों के दृष्टिगत एक भी पात्र व्यक्ति छूटे नहीं और एक भी अपात्र व्यक्ति जुड़े नहीं। उन्होने कहा कि ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में नियमित रूप से मतदाता जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने चाहिए। उन्होने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए पूरी निष्पक्षता एवं ईमानदारी के साथ मतदाता सूची में मतदाताओं का नाम शामिल करें। इसके लिए खुद भी जागरूक रहें एवं दूसरों को भी जागरूक करें। सभी को करें मतदान के लिए प्रेरित कमिश्नर विवेक ने नागरिकों से अपील किया कि वे न केवल स्वयं मतदान करें। बल्कि अपने परिवार और पड़ोसियों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होने कहा कि जिस प्रकार बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में संगीत और नृत्य का सामंजस्य दिखा, वैसा ही समन्वय प्रशासनिक कार्यों में भी होना चाहिए। उन्होने कहा कि मतदाता जागरूकता केवल एक दिन का उत्सव नहीं। बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसे सामूहिक और समर्पित प्रयासों से लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। डीएम रविन्द्र कुमार ने कहा कि 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था। उन्होने कहा कि 24 प्रदेश का नाम यूनाइटेड प्राविन्सेस से बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया था और 26 जनवरी 1950 को भारत पूरी तरह गणतंत्र घोषित हुआ था। डीएम ने कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। उन्होने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से या फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवायें। उन्होने कहा कि मतदाता का मापदण्ड पूरा करने वाला को भी नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाकर मतदान की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भाग ले सकता हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे और सराहनीय काम करने वालों को सम्मानित भी किया गया।