‘बेटे में जेल से छुड़वाने के लिए अब तक मेरे 85 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं। पुलिस वालों को बस अपना पद और प्रमोशन बढ़ाना है, चाहे गरीब के बच्चे भीख मांगे’- सोनू की मां राजकुमारी। ‘कपिल के पिता पैरालिसिस से पीड़ित हैं। हमारे पास वकील को देने के लिए पैसे तक नहीं हैं। मैं बीमार पति की सेवा करूं या जेल में बंद बेगुनाह बेटे के लिए दर-दर भटकूं’- कपिल की मां ममता। यह कहना है अलीगढ़ के उन दो युवकों की मां का, जिन्हें पुलिस ने मोबाइल चोरी के आरोप में जेल भेज दिया। 54 दिन बाद दोनों की गिरफ्तारी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। वीडियो में दिखाई देता है कि पुलिसकर्मी खुद ही दोनों युवकों की जेब में चाकू और मोबाइल रखते हैं। इसके बाद कैमरे के सामने युवकों को भागने के लिए कहा जाता है, जिससे यह दिखाया जा सके कि पुलिस ने उन्हें पीछा करके पकड़ा है। मामला सामने आने के बाद 2 दरोगा और 2 सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं, दोनों युवक अभी भी जेल में ही है। इस मामले में दैनिक भास्कर की टीम ने 2 युवकों के परिजनों से बात की। सोनू की मां बोलीं- अब तक मेरे 85 हजार खर्च रुपए खर्च हो चुके
सोनू की मां राजकुमारी ने कहा- मेरा बेटा सोनू गाड़ी चलाने का काम करता है। वह गाड़ी चलाकर घर आया था और सो रहा था। इसी बीच 4-5 पुलिसकर्मी घर पहुंचे और उसे सोते हुए ही उठा ले गए। उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। पुलिस सोनू को शेखूपुर के पास कमांडर के घर के पीछे ले गई। वहां पर उसे डराया-धमकाया गया, फिर उसे एक बड़ा चाकू और चोरी का मोबाइल थमाकर जबरन वीडियो बनाया गया। 3 दिनों तक सोनू को अकराबाद थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और उसे बेरहमी से मारा-पीटा गया। मेरे बेटे को मजबूर किया गया कि वह कैमरे पर यह बोले कि हम अड्डे पर रोज लूट करते हैं। अब तक बेटे में जेल से छुड़वाने के लिए अब तक मेरे 85 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं। पुलिस वालों को बस अपना पद और प्रमोशन बढ़ाना है, चाहे गरीब के बच्चे दागी बन जाएं या उनके मां-बाप सड़क पर भीख मांगे। कपिल की मां बोली- मेरे बेटे को एनकाउंटर की धमकी दी थी वहीं, कपिल की मां ममता ने कहा- मेरे परिवार में उस समय खुशी का माहौल था। बहू की डिलीवरी के लिए हम लोग अस्पताल में थे। इसी दौरान पुलिस मेरे बेटे कपिल को घर से उठा ले गई। कपिल के पिता पैरालाइसिस के मरीज हैं और घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। मुझे बेटे को पुलिस के ले जाने की जानकारी उसके छोटे भाई से मिली। इसके बाद पुलिसवालों ने कपिल पर चाकू और मोबाइल चोरी का अपराध कबूल करने का दबाव बनाया। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे पैर में गोली मारने की धमकी दी गई। डर और दबाव में पुलिस ने उसके हाथ में मोबाइल और बड़ा सा चाकू थमाकर वीडियो बनाया और उसे अपराधी साबित कर जेल भेज दिया। हमारे पास तो वकील करने तक के पैसे नहीं हैं। समझ नहीं आता कि मैं बीमार पति की सेवा करूं या जेल में बंद बेगुनाह बेटे के लिए दर-दर भटकूं। अब जानिए पूरा मामला… पहले देखिए तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… वायरल वीडियो में अकराबाद थाने के दरोगा रोहित सिद्धू, अलखराम, सिपाही मनोज कुमार और अमित कुमार दिखाई दे आ रहे हैं। पहले दरोगा अलखराम एक युवक की जैकेट में चाकू रखवाते हैं। जबकि सिपाही अमित दूसरे युवक की कमर में चाकू लगाता है। इसके बाद सिपाही मनोज ने युवक की जेब में मोबाइल रखवाया। फिर उसने कहा- साहब इन्हें थोड़ा आगे हल्के कदमों से चलने दो, फिर गाड़ी से पकड़ेंगे। तभी वीडियो सही बनेगी। पुलिस देखकर थोड़ा भागना भी चाहिए। इसके बाद युवकों को पकड़ा गया, दरोगा रोहित के इशारे पर तलाशी ली गई। पहले मोबाइल निकाला जाता है और युवक से कहलवाया जाता है कि उसने दुकान से चोरी किया है। फिर कमर से चाकू बरामद दिखाया जाता है। दूसरे युवक से भी इसी तरह चाकू निकलवाकर सवाल-जवाब किए जाते हैं। पुलिस वाले दूसरा वीडियो भी बनाते हैं
वीडियो बनने के बाद पुलिसकर्मी आपस में फुटेज चेक करते हैं कि कोई कमी तो नहीं रह गई। इसके बाद युवकों के हाथों में मोबाइल और चाकू देकर दूसरी वीडियो भी बनाते हैं। अंत में दरोगा अलखराम युवकों के साथ सेल्फी लेते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा दृश्य किसी युवक ने छत से चुपके से मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। यह वीडियो करीब 54 दिनों तक वायरल किया गया है। गुडवर्क के लिए पुलिस ने रचा नाटक घर से उठाकर जंगल में रची गई साजिश मामले का खुलासा होने पर परिजनों ने पुलिस पूछताछ में बताया- हम लोग पनैठी में रहते हैं। मेरे बेटे सूरज गौतम और सोनू को पुलिस ने 1 दिसंबर 2025 को घर से हिरासत में ले लिया था। फिर उन्हें जंगल की ओर ले जाकर जेब में चोरी के मोबाइल और पैंट में चाकू छिपाए गए। फिर फर्जी बरामदगी दिखाकर 2 दिसंबर को गुडवर्क के तौर पर गिरफ्तारी दिखाई गई। इसके बाद पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया था कि रविवार शाम गश्त के दौरान नानऊ नहर की पटरी से दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। उनके पास से दो चोरी के मोबाइल और दो अवैध चाकू बरामद हुए। लेकिन वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिन के उजाले में पूरी स्क्रिप्ट रची जाती दिख रही है, जिससे पुलिस के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं। एसपी बोले- सभी पहलुओं पर हो रही जांच
इस बारे में एसपी देहात अमृत जैन ने कहा- वीडियो सामने आने के बाद चारों पुलिसकर्मियों को थाने से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। 48 घंटे में जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश मिले हैं। समय से रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी जाएगी। ——————– ये भी पढ़ें- मां ने पतंग उड़ाने से रोका, छात्र ने जान दी:मेरठ में दोस्तों के सामने डांट दिया था; दूसरी मंजिल पर शव लटका मिला मेरठ में मां ने 9वीं के छात्र को पतंग उड़ाने से रोका, तो उसने जान दे दी। घर की दूसरी मंजिल के कमरे में उसका शव फंदे पर लटका मिला। वह 3 दिन से ज्यादा पतंग उड़ा रहा था। जिसकी वजह से मां ने उसे दोस्तों के सामने डांट दिया था। इससे नाराज होकर सोमवार सुबह करीब 11 बजे वह कमरे में गया। दोपहर 12.30 बजे जब उसके दोस्त कमरे में गए, तो उसका शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर अस्पताल भेजा। घटना नौचंदी थाना क्षेत्र के सेक्टर-3 शास्त्रीनगर की है। पढ़िए पूरी खबर…