नगर निगम में 73.61 लाख का गबन:प्रयागराज में 1.38 करोड़ की वसूली, विभाग के अकाउंट में जमा किए सिर्फ 64.42 लाख, FIR

प्रयागराज नगर निगम के वाटर वर्क्स (जलकल) विभाग में 73.61 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोप स्मार्ट सिटी बिल्डिंग में स्थित जनसुविधा केंद्र के वाटर टैक्स वसूली काउंटर पर तैनात रहे कर्मचारी सौरभ निषाद पर है। इस मामले में थाना खुल्दाबाद में उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज की गई है। स्मार्ट सिटी काउंटर से हुई थी टैक्स वसूली सौरभ निषाद, निवासी मोरी दारागंज, को 02 जुलाई 2024 को वाटर वर्क्स विभाग ने स्मार्ट सिटी बिल्डिंग स्थित जनसुविधा केंद्र के टैक्स कलेक्शन काउंटर पर तैनात किया था। उसकी जिम्मेदारी वाटर टैक्स, सीवर टैक्स और सीवर चार्ज की वसूली कर उसे विभाग के बैंक खातों में जमा कराने की थी। 1.38 करोड़ वसूले, 73.61 लाख नहीं किए जमा विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, तैनाती के दौरान आरोपी ने उपभोक्ताओं से कुल 1 करोड़ 38 लाख 3 हजार 954 रुपये की वसूली की। इसमें से केवल 64 लाख 42 हजार 907 रुपये ही नगर निगम के खाते में जमा कराए गए। शेष 73 लाख 61 हजार 47 रुपये की रकम जमा नहीं की गई। 878 रसीदों से गबन की पुष्टि बार-बार नोटिस और आदेश देने के बावजूद जब आरोपी ने जमा चालान नहीं दिखाए, तो उसे 05 जुलाई 2025 को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कराई गई विभागीय जांच में सामने आया कि सौरभ निषाद ने 878 रसीदों के जरिए वसूली गई रकम का स्थायी रूप से गबन किया। ऑडिट रिपोर्ट ने भी की पुष्टि मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त के निर्देश पर मुख्य नगर लेखा परीक्षक से ऑडिट कराया गया। ऑडिट रिपोर्ट में भी आरोपी को 73.61 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया और रकम की वसूली की संस्तुति की गई। पुलिस ने दर्ज किया केस विभागीय जांच और ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर वाटर वर्क्स विभाग की ओर से थाना खुल्दाबाद में तहरीर दी गई, जिस पर पुलिस ने FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। नगर निगम में मचा हड़कंप करोड़ों रुपये के रेवेन्यू गबन का मामला सामने आने के बाद नगर निगम और वाटर वर्क्स विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।