औरैया में अजीतमल थाना क्षेत्र के दो वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अतीक उद्दीन ने जेल में बंद विजय प्रताप उर्फ राजा ठाकुर को दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए मुकदमे को समाप्त करने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। इस फैसले के बाद, दोषी की लगभग दो माह बाद रिहाई संभव हो सकेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण तिवारी ने पैरवी की। उनके अनुसार, थाना अजीतमल पुलिस ने ग्राम अकबरपुर डाढ़ा (फफूंद) निवासी विजय प्रताप उर्फ राजा ठाकुर को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह करीब दो वर्षों से जेल में बंद है। विजय प्रताप ने जेल से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अपना जुर्म स्वीकार किया था। उसने बताया था कि वह गरीब है और उसका कोई पैरोकार नहीं है। न्यायालय ने उसके प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए कहा कि अभियुक्त ने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग किया और न्यायालय का समय बचाया। अदालत ने सजा पर उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। यदि अर्थदंड अदा नहीं किया जाता है, तो उसे 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस सजा में उसकी जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित किया जाएगा।