‘पिंच ऑफ स्पाइस’ रेस्टोरेंट पर 55 हजार का जुर्माना:ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूलने और अभद्र व्यवहार पर आयोग ने की कार्रवाई

आगरा के उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम ने संजय प्लेस स्थित प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘पिंच ऑफ स्पाइस’ के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने पाया कि ग्राहकों से जबरन 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज वसूलने के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो अनुचित व्यापार प्रथा (Unfair Trade Practice) के तहत आता है। रेस्टोरेंट को आदेश दिया गया कि वह परिवादी को मानसिक पीड़ा और वाद-व्यय के मद में कुल 55 हजार रुपये का भुगतान करे। जानकारी के अनुसार, कमलानगर निवासी आशीष गर्ग ने 23 जून 2025 को अपने परिवार के साथ रेस्टोरेंट में डिनर किया। शिकायत में उन्होंने कहा कि खाने की क्वालिटी खराब थी और बिल में नियमों के विरुद्ध 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज जोड़ा गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया और सरकार के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया, तो रेस्टोरेंट के स्टाफ और मैनेजर ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। सुनवाई के दौरान रेस्टोरेंट की ओर से कोई पक्ष नहीं रखा गया। आयोग ने एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए पाया कि अनिवार्य सर्विस चार्ज वसूलना दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पूरी तरह अवैध है। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने कहा कि ग्राहकों को बिना उनकी स्वीकृति के सर्विस चार्ज बिल में जोड़ा नहीं जा सकता। आयोग ने आदेश दिया कि रेस्टोरेंट ‘पिंच ऑफ स्पाइस’ 50 हजार रुपये मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद-व्यय के रूप में 45 दिनों के भीतर परिवादी को चुकाए। भुगतान की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाएगा। यदि रेस्टोरेंट समय पर भुगतान करने में विफल रहता है, तो ब्याज दर बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी जाएगी। इस आदेश के बाद उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में यह मामला अन्य रेस्टोरेंट्स के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता इसे ग्राहकों के हित में एक सकारात्मक कदम बता रहे हैं।