सीडीओ को निरीक्षण में कई कर्मचारी मिले गैरहाजिर:वेतन रोकने का दिया आदेश, नोटिस जारी कर मांगा स्पष्टीकरण

हाथरस में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएम दीक्षित ने आज विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई विभागों के कर्मचारी अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। सीडीओ ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन/मानदेय अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, अधिशासी अभियंता जल निगम (शहरी), जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय, जिला विकास अधिकारी सोशल ऑडिट अनुभाग, सहायक आयुक्त सहकारिता और अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सहित कई कार्यालयों में कर्मचारी गैरहाजिर मिले। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण में संख्या सहायक दिनेश कुमार और कनिष्ठ सहायक अश्वनी उपाध्याय अनुपस्थित थे। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड में वरिष्ठ सहायक सूर्य प्रकाश गैरहाजिर मिले। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में एडीएओ वर्ग-1 राहुल प्रताप सिंह और कनिष्ठ सहायक प्रियंका शर्मा अनुपस्थित पाए गए। कौशल विकास मिशन कार्यालय में एमआईएस मैनेजर निर्मल किशोर मिश्र और डाटा एंट्री ऑपरेटर संदीप अनुपस्थित थे। अधिशासी अभियंता, जल निगम (शहरी) कार्यालय में सुभाष बाबू, मनोज कुमार, अरविंद कुमार, मोहन लाल, सतेंद्र सिंह और चौकीदार चंद्रपाल सहित छह कर्मचारी गैरहाजिर मिले। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ सहायक इसरार और कनिष्ठ सहायक सोनू देव वर्मा अनुपस्थित पाए गए। जिला विकास अधिकारी सोशल ऑडिट अनुभाग में कनिष्ठ सहायक सागर शर्मा अनुपस्थित थे। सहायक आयुक्त सहकारिता कार्यालय में प्रदीप भटनागर की दूर अंकित की गई थी, जिस पर सहायक आयुक्त से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के वरिष्ठ सहायक सुशील कुमार शर्मा और अवर अभियंता बृजेश कुमार अनुपस्थित थे। अवर अभियंता बृजेश कुमार का नाम उपस्थिति पंजिका में अंकित नहीं था और वह सुबह 11 बजे तक कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए थे। इस संबंध में अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके हस्ताक्षर उपस्थिति पंजिका में क्यों नहीं कराए जा रहे हैं। सीडीओ ने संबंधित कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अनुपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करें।