केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया। इसके बाद कासगंज में विभिन्न राजनीतिक दलों और व्यापार मंडल ने बजट पर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। भाजपा ने इसे विकासोन्मुखी बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे खोखला करार दिया। कासगंज कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय ने बजट को ‘पूरी तरह से खोखला’ बताया। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का कोई प्रावधान नहीं है और यह किसानों व व्यापारियों के लिए निराशाजनक है। पांडेय ने आरोप लगाया कि यह बजट मोदी सरकार के दावों की पोल खोलता है और इससे देश के किसी भी वर्ग को कोई लाभ नहीं मिलेगा। कांग्रेस इस बजट का विरोध करती है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने बजट को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह बजट ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना को साकार करता है। शर्मा के अनुसार, ‘सबका साथ, सबका विकास’ का सिद्धांत इस बजट में चरितार्थ हुआ है, जिससे गरीब, किसान, नौजवान और युवा सहित सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। उन्होंने विपक्ष पर ‘बिना किसी ठोस मुद्दे’ के बजट का विरोध करने का आरोप लगाया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल कासगंज के जिलाध्यक्ष सतीश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में किसानों और व्यापारियों के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए हैं। उन्होंने सर्राफा व्यापारियों के लिए सोने-चांदी पर आयात शुल्क कम करने का सुझाव दिया, जिससे आम जनता को लाभ मिल सके। हालांकि, गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं और बायो-फार्मा सेक्टर के लिए की गई घोषणाओं की सराहना भी की।