यूपी के 765 संस्थानों को एफिलिएशन देने वाला लखनऊ का डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) बहुत जल्द AVGC यानी ऑडियो विजुअल गेमिंग कंटेंट पर नया पाठ्यक्रम शुरू करेगा। 18 क्रेडिट स्कोर के इस पाठ्यक्रम को माइनर डिग्री प्रोग्राम की पहल के तहत शुरू किया जाएगा। AKTU के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने केंद्रीय बजट (2026-27) पेश होने के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में इसका ऐलान किया। एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा कि AI के आने के बाद इस फील्ड में अनगिनत अवसर आ चुके हैं। दुनियाभर में युवाओं को सबसे ज्यादा सैलरी देने वाला ये सेक्टर बेहद इंटरेस्टिंग होने के कारण स्टूडेंट्स का टॉप चॉइस कोर्स रहता है। ऐसे में इसकी शुरुआत कई मायनों में बेहद खास होगी। पढ़िए बातचीत के खास अंश… सवाल: इस बजट में टेक्निकल एजुकेशन सेक्टर को क्या कुछ मिला हैं? जवाब: मैं कहूंगा कि यह बहुत अच्छा बजट है। टेक्नोलॉजी ओरिएंटेड है। लगभग सभी सेक्टर्स को इसमें कवर किया गया है। इसे विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में उठाया गया कदम कहा जा सकता है। आज की दौर के वैश्विक परिस्थितियों देखकर ये बजट लाया गया है, जो अमेरिका की तरफ से टैरिफ इंपोज किया गया है, उसका जवाब देने का प्रयास किया गया है। सवाल: तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाने वाले और इस क्षेत्र के भावी स्टूडेंट्स के लिए बजट में क्या कुछ खास है? जवाब: इस बजट में सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन सरकार ने शुरू किया है, वह बेहद अहम है। सेमीकंडक्टर और VLSI के क्षेत्र में रिसर्च बढ़ाने के लिए एक ‘टेक्निकल मैन पॉवर’ तैयार करना होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बूम लाने के लिए एक्सपर्ट्स को तैयार करना होगा। ऐसे में हमारे जैसे टेक्निकल यूनिवर्सिटीज और टेक्निकल संस्थानों को VLSI, सेमीकंडक्टर डिवाइस पर काम बढ़ाने के साथ रिसर्च पर और ज्यादा फोकस करना होगा। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। दूसरा, AI की स्किल मैन पॉवर भी तैयार करनी होगी। हर सेक्टर में AI का प्रयोग होना है। इसके लिए सभी फैकेल्टी और टीचर्स को AI की ट्रेनिंग देनी होगी। स्टूडेंट्स को AI में ट्रेन करना होगा। सवाल: AKTU से 750 से ज्यादा टेक्निकल संस्थानों का एफिलिएशन हैं, उन कॉलेजों के लिए क्या कुछ अहम है? जवाब: सेमीकंडक्टर मशीन के अलावा सैटेलाइट और स्पेस टेक्नोलॉजी की दिशा में भी हम काम कर रहे है। क्वांटम मिशन में भी हम काम कर रहे हैं। किसी भी डिग्री कोर्स के स्टूडेंट्स को माइनर डिग्री के माध्यम से नई और ऑन-डिमांड पाठ्यक्रमों में एक्सपर्ट बनाना है। सरकार MSME या मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की बात कहती है, तो उसके लिए रिसोर्स पर्सन का काम करने वाले हम लोगों के यहां से ही जायेंगे। सवाल: NEP को लागू करने के बाद से क्या बदलाव हुए और यहां से आगे का सफर कैसा देखते हैं? जवाब: सबसे ज्यादा फोकस स्किल अपग्रेडेशन पर है। नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के साथ कोर केयर इकोसिस्टम को भी जोड़ा गया हैं। बजट में इन सभी चीजों का जो जिक्र है, वह भी NEP का ही पार्ट है। ये सब एक मल्टी डिसीप्लिनरी अप्रोच हैं। इसी मकसद से माइनर डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है। स्टूडेंट्स के ऑल राउंड डेवलपमेंट पर ही फोकस हैं। 1500 स्कूल और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाने की पहल भी इसी बजट में की गई है। इसे भी एक बड़ा कदम करार दिया जा सकता हैं। सवाल: इस बजट के बाद कौन सा नया कोर्स AKTU ने शुरू करने जा रहा है? जवाब: हम AVGC यानी ऑडियो विजुअल कंटेंट क्रिएशन से जुड़ा माइनर डिग्री कोर्स प्रोग्राम शुरू करने जा रहे हैं। ये स्टूडेंट्स के लिहाज से भी अहम होगा। इस फील्ड में स्टूडेंट्स का इंटरेस्ट रहता है। बेहद रोचक और नए अनुभवों वाला ये क्षेत्र है। गेमिंग कंटेंट और टेक्नोलॉजी पर स्टूडेंट्स कई इनोवेशन भी कर रहे हैं। AI के आने के बाद से ये इंडस्ट्री के लिहाज से भी इसमें बहुत पोटेंशियल है। ऐसे भी स्टूडेंट्स को कई ऑप्शन और बहुत से नए अवसर मिलने जा रहे है। 18 क्रेडिट के इस कोर्स को प्लान करके शेयर करेंगे।