‘अगर पूरे देश में वोट बेचने की कोई दुकान है, तो उसका पता बताया जाए। अगर माई के लाल हैं, तो बता दें। आज जो लोग उंगली उठा रहे हैं, वे कभी लोहा चोरी किया करते थे। 23 साल में ओम प्रकाश राजभर ने जो किया है, क्या किसी और ने किया? जब हमने अपने बाप को बाप कहना शुरू किया, तब लोगों का ध्यान सुहेलदेव महाराज की ओर गया।’- ओम प्रकाश राजभर ‘ओपी राजभर बनारस के सिंधोरा में ऑटो चलाते थे। पता नहीं कब सरिया खरीदने हमारे गांव पहुंच गए। आप सभी दुकानदारों को चोर बता रहे हैं। ये गलत है। हमें याद है कि आप कभी हमारे भाई साहब की दुकान पर सामान खरीदने गए ही नहीं। वह किसलिए ऐसा बोल रहे हैं, वो जानें।’ – अनिल राजभर ये बयान हैं यूपी सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों के, जो इन दिनों आपस में ही उलझे हुए हैं। दोनों मंत्री सोमवार को वाराणसी में है। यहां जैसे ही ओपी राजभर ने बयान दिया, तो करीब 6 घंटे बाद अनिल राजभर से उन पर पलटवार कर दिया। पहले बात ओपी राजभर की अनिल राजभर और उनके पिता को लोहा चोर बताया
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के बयान पर सवाल पूछने पर ओपी राजभर जमकर भड़के। उन्होंने बिना नाम लिए अनिल राजभर और उनके पिता को लोहा चोर बताया। कहा कि आप उनका इतिहास नहीं जानते। जब उनके पिता जी राजनीति में थे। इस दौरान एक लोहे की सरिया बेचने की दुकान खोली थी। कोई भी दुकानदार कहता तो साव (शरीफ) है, लेकिन वह साव नहीं होता। अगर वह साव बनेगा, तो कमाएगा कैसे? अगर एक क्विंटल सरिया किसी ने लिया और एक क्विंटल दे देगा, तो उसे क्या बचेगा? ओपी राजभर ने कहा- हम चुनौती देते हैं कि एक मां दूध पीया है, तो बताएं कि कहां वोट बिकता है? हम भी जान लेंगे कि वोट खरीदने और बेचने की दुकान कहां है? हम भी वो दुकान देख लें। जरूरत पड़े तो अपना वोट बेच दें। वोट कोई बोरा या झोला में होता है, जो दे आएं। अब पढ़िए अनिल राजभर ने जो कुछ कहा सोमवार शाम को वाराणसी पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने ओपी राजभर के बयानों का जवाब दिया। मां का दूध पीने के बयान पर अनिल राजभर ने कहा- मां को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए। मां तो मां होती है। चाहे आपकी हो या मेरी। मां के दूध को चैलेंज करना शोभा नहीं देता। हमारी पार्टी का निर्देश है कि गठबंधन के साथी को साथ लेकर चलना है। मैंने किसी पार्टी और नेता का नाम नहीं लिया था। जबकि, हमारे कार्यक्रम को खराब करने के लिए 10 से 15 लोगों को शराब पिलाकर भेज दिया जाता है। हमने उन लोगों को बाहर कराया। अब पढ़िए ओपी राजभर ने और क्या कहा शंकराचार्य पर कहा- देश संविधान से चलता है, बयान से नहीं
ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों पर भी खुलकर बोले। कहा- देश संविधान से चलता है। किसी के बयान से संविधान बदला नहीं जा सकता। शंकराचार्य के 40 दिन वाले बयान पर कहा कि 145 करोड़ जनता के वो मालिक हैं क्या? गो-माता को राज्य माता का दर्जा दिए जाने का विषय जब कैबिनेट में आएगा, तब उस पर विचार किया जाएगा। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे और शंकराचार्य से मुलाकात को उन्होंने ड्रामा और राजनीति बताया। कहा कि हम राजभर हैं और सीना ठोक कर बोलते हैं। बोले- यूजीसी वापस नहीं हुआ है
ओम प्रकाश राजभर ने कहा- यूजीसी वापस नहीं हुआ है, बल्कि स्टे हुआ है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे बताए यूजीसी कमेटी में 17 लोग सामान्य जाति के थे। क्या उन लोगों को कमी नजर नहीं आई? शिक्षा मंत्री के बयान को कोड करते हुए कहा राजभर ने कि जो कमी होगी, उसमें सुधार किया जाएगा। UGC के नए दिशा-निर्देशों और कानून को लेकर राजभर ने कहा- अगर किसी को इसमें गड़बड़ी लगती है, तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला है। शिक्षा व्यवस्था में OBC, SC और ST वर्ग के साथ पक्षपात होता है। हम इसके लिए लड़ाई लड़ेंगे। राजभर ने सपा पर भी कसा तंज
सपा के PDA नारे पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि PDA का मतलब “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” है। बजट को लेकर कहा कि यह 145 करोड़ देशवासियों के हित को देखकर बनाया गया है। विकसित भारत को लेकर बजट बनाया गया है। ————————- ये खबर भी पढ़ें मथुरा के सरकारी स्कूल में टीचर ने जबरन नमाज पढ़वाई; बच्चों पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया, राष्ट्रगान गाने पर डांटता था, सस्पेंड मथुरा के सरकारी स्कूल में बच्चों से नमाज पढ़वाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि टीचर बच्चों का ब्रेनवॉश कर जबरन नमाज पढ़वाता। इस्लाम अपनाने का दवाब बनाने के लिए उसे बाकी धर्मों से अच्छा बताता। देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित बातें बोलता और बच्चों को राष्ट्रगान गाने पर डांटता था। पढ़िए पूरी खबर