मुजफ्फरनगर जिले के छपार थाना क्षेत्र के सिम्भालकी गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक गंभीर हमले की घटना सामने आई है। यह घटना 28 जनवरी को देर रात करीब 10 बजे हुई थी। इस हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक हथियार से फायरिंग करता और कुछ अन्य युवक एक व्यक्ति को लाठी-डंडों से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। गांव निवासी लोकेश पुत्र अजमेर ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। लोकेश के अनुसार, उनके पुत्र सुमित और संजय बेसहारा पशुओं से फसलों की रखवाली कर रहे थे। घर लौटते समय जब वे सुशील के घर के सामने पहुंचे, तो गांव के कुछ युवकों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। आरोपियों में रकम सिंह के पुत्र ब्रिजेश उर्फ लीलू, बोबिन्द्र, सुन्दर के साथ अजय, पंकज, मनीष और अनुज शामिल बताए गए हैं। ये सभी आधा दर्जन से अधिक हमलावर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस थे। हमलावरों ने सुमित और संजय पर जानलेवा हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों में से एक ने तमंचे से फायरिंग भी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक फायरिंग करता और अन्य युवक लाठी-डंडों से एक व्यक्ति को पीटते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि हमला जान से मारने की नियत से किया गया था। सुमित के भाई के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। हालांकि, पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में कार्रवाई करने में देरी की। घटना के छह दिन बाद, फरवरी की शुरुआत में थाना छपार के थानाध्यक्ष मोहित सिंह ने मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता लोकेश ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने केवल मामूली धाराओं (जैसे मारपीट) में मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या के प्रयास (आईपीसी 307), हथियारों से हमला और फायरिंग से संबंधित गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं। पीड़ित पक्ष इसे पुलिस की खानापूर्ति बता रहा है।