कानपुर देहात में नहर में कार डूबने से दो भाइयों समेत तीन युवकों की मौत हो गई। स्विफ्ट कार में कुल 4 लोग सवार थे। इनमें 3 परिवार के लोगों के अलावा एक ड्राइवर था। कार जैसे ही सड़क से उछलकर रामगंगा नहर में गिरी। राहगीरों ने दौड़ते हुए नहर में छलांग लगा दी। घायलों को शीशा तोड़ने के बाद एक-एक कर बाहर निकाला। हादसा रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के उड़िया गांव के पास करीब 3:30 बजे हुआ है। घायल युवक का हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा है। कार सवार परिवार गोंडा का रहने वाला था। जो कि मुंडन संस्कार में शामिल होने आया था। हादसे की 2 तस्वीरें देखिए… अब पूरी घटना विस्तार से… गोंडा के रहने वाले टेंट कारोबारी राकेश श्रीवास्तव (54), बेटे अभिषेक (26) व भाई राधेश (42) के साथ कानपुर देहात के रसूलाबाद आए थे। यहां अकोढ़िया में उनके रिश्तेदार दिलीप श्रीवास्तव रहते हैं जिनके बेटे का शुक्रवार को मुंडन था। तीनों कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्विफ्ट कार से लौट रहे थे। इस दौरान उनका ड्राइवर करिया उर्फ मुन्नू गाड़ी चला रहा था। दोपहर करीब 3 बजे चारों गांव से निकलकर हरि निवादा के पास पहुंचे ही थे। तभी ड्राइवर स्पीड में होने के चलते कार को कंट्रोल नहीं कर पाया। कार सीधे सड़क किनारे से उछलकर रामगंगा नहर में जा गिरी। BEO ने हादसा देखा तो दौड़े स्विफ्ट कार के ठीक पीछे से खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अजब सिंह आ रहे थे। ये हादसा देखकर वह तुरंत रुक गए। उन्होंने स्थानीय लोगों को चिल्लाकर आवाज दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने नहर में छलांग लगा दी। कार का पीछे का शीशा तोड़ा। इसके बाद एक एक कर चारों लोगों को बाहर निकाला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस चारों को रसूलाबाद सीएचसी ले गई। जहां, डॉक्टर शैलेंद्र ने राजेश व उनके भाई राधेश और चालक मुन्नू को मृत घोषित कर दिया। जबकि, राकेश के बेटे अभिषेक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। मामा बोले- चारों मेरे सामने ही गोंडा के लिए निकले हादसे की सूचना पर राकेश श्रीवास्तव के मामा बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी भागते हुए पहुंचे। उन्होंने कहा- मैं भी मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने आया था। ये चारों लोग मेरे सामने ही गोंडा के लिए निकले थे। कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह ने बताया- परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजनों के आने के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जाएगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… संभल में अफसरों ने कैसे पकड़ी 33 करोड़ की ज्वेलरी:20 GST कर्मचारी कस्टमर-चौकीदार बने, स्टॉक बढ़ाते ही मारा छापा संभल में GST अफसरों ने छापा मारकर 33 करोड़ का बेहिसाब सोना-चांदी और डायमंड जब्त किया है। GST अफसरों को इतनी बड़ी सफलता कैसे मिली, इसकी चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। पूरी खबर पढ़ें