लखनऊ में शिया वक्फ बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन:भ्रष्टाचार के आरोप लगे; CBI जांच की मांग, मौलाना बोले- संपत्तियों को बेच रहे

लखनऊ में छोटा इमाम बाड़ा में उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। हैदरी टास्क फोर्स के बैनर तले विरोध प्रदर्शन में शिया धर्म गुरु मौलाना यासूब अब्बास समेत अन्य शिया धर्म गुरु और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में शिया वक्फ बोर्ड पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे। इस दौरान हैदरी टास्क फोर्स ने शिया वक्फ बोर्ड को भंग करने की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ने आगा ने कहा- केंद्र सरकार शिया वक्फ बोर्ड के खिलाफ सीबीआई जांच कराए। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से मौजूदा शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को तत्काल भंग करने की मांग की। CBI जांच की मांग उन्होंने कहा- शिया समुदाय की सैकड़ों करोड़ रुपए की वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब कर दी गईं। उन्हें भूमाफियाओं के हाथों बेच दिया गया। वक्फ बोर्ड किसी कोई भी धार्मिक संपत्ति सुरक्षित नहीं कर पा रहा है। ‘संपत्तियों को बेचने का आरोप’ मुन्ने आगा ने कहा- शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने भी कई बार वक्फ बोर्ड के भ्रष्टाचार को उजागर किया। वक्फ बोर्ड की मिलीभगत से शिया समुदाय की कई ऐतिहासिक और धार्मिक संपत्तियों को बेच दिया गया। इनमें मस्जिद शाहदरा (मोहन रोड), कर्बला अब्बास बाग (हरदोई रोड), मोती मस्जिद (मेहताब बाग–शीश महल), रानी रसूलपुर (गोलागंज), वक्फ अहमदी बेगम और वक्फ अच्छे मिर्ज़ा (औरंगाबाद–अमौसी) जैसी अहम संपत्तियां शामिल हैं। सीएम आवास पर प्रदर्शन की चेतावनी मौलाना यासूब अब्बास ने कहा- हम लोग शिया वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को बर्बाद होते हुए नहीं देख सकते। यह हमारे बुजुर्गों ने कर्बला, इमामबाड़ा और मस्जिद बनाने के लिए अल्लाह के नाम पर इस्लाम धर्म के लिए दिया था। मगर आज वक्फ बोर्ड में लूट मची हुई है। अगर हैदरी टास्क फ़ोर्स समय हस्तक्षेप न करत तो और भी वक्फ संपत्तियां बिक चुकी होतीं। संगठन के विरोध प्रदर्शन और निरीक्षणों की वजह से कई संपत्तियों को सुरक्षित किया जा सका है। अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे और सीएम आवास पर धरना होगा।