मेरठ के लिसाड़ीगेट स्थित गुर्जर चौक पर दलित समाज के युवकों द्वारा लगाए जा रहे एक बोर्ड का रविवार शाम विरोध हो गया। विरोध गुर्जर समाज के युवकों द्वारा किया गया था। तनातनी की सूचना मिलते ही लिसाड़ीगेट और लोहिया नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पुलिस को तैनात किया गया है। 3 तस्वीरें देखिए… आइए जानते हैं क्या है मामला
ग्राम लिसाड़ी निवासी अजय बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता हैं। रविवार देर शाम वह यहां के गुर्जर चौक के पास एक खंभे पर बोर्ड लगा रहे थे। इसी दौरान गुर्जर समाज के दर्जनभर युवक वहां लाठी डंडे लेकर आ गए और बोर्ड लगाने का विरोध कर दिया। देखते ही देखते हंगामा होता चला गयाा। दोनों तरफ के काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पहले जानते हैं क्या लिखा था बोर्ड पर
बोर्ड पर एक तरफ बाबा साहब डाक्टर भीमराव अंबेडकर का चित्र बना था और दूसरे छोर पर भगवान बुद्ध का। एक तीर बना था, जिस पर लिखा था कि अंबेडकर भवन का रास्ता इधर से है। नीचे की तरफ बसपा सुप्रीमो मायावती का एक फोटो था। अब जानिए क्यों हुआ विरोध
दरअसल, जिस जगह यह बोर्ड लगाया जा रहा था, वह गुर्जर चौक कहलाता है। किसी ने गुर्जर समाज के युवकों को यह सूचना दे दी कि गुर्जर चौक का नाम बदलने के लिए दलित समाज के लोग दूसरा बोर्ड लगा रहे हैं। इसके बाद गुर्जर समाज के लोगों ने विरोध कर दिया। इसके बाद देखते ही देखते दोनों तरफ के लोग एकत्र होते चले गए। पुलिस ने स्थिति को संभाला
हंगामे की सूचना मिलते ही लिसाड़ीगेट थाना प्रभारी अशोक कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोहियानगर थाना पुलिस को भी बुला लिया। उन्होंने भीड़ देखकर अफसरों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने दोनों पक्षों से बात की और किसी तरह स्थिति को संभाला। फिलहाल बोर्ड को सुरक्षित धर्मशाला में रखवा दिया गया है। अब जानिए क्या बोले अजय लिसाड़ी
दलित समाज के अजय लिसाड़ी ने बताया कि वह गुर्जर चौक का नाम बदलने के लिए बोर्ड नहीं लगा रहे थे। उनके क्षेत्र में अंबेडकर धर्मशाला है। उस धर्मशाला तक आने का अकसर लोग नाम पूछते हैं तो दूसरे समाज के लोग अपशब्द या कहें तो प्रतिबंधित शब्दों से समाज को संबोधित करते हैं। कोई विवाद ना हो और लोग खुद रास्ता ढूंढ लें, इसलिए यह बोर्ड खंभे पर लगवाया जा रहा था।