गोरखपुर में माह-ए-रमजान की तैयारियां शुरू:18 फरवरी को देखा जाएगा चांद, 12 घंटा 51 मिनट का होगा पहला रोजा

गोरखपुर में पवित्र माह-ए-रमजान की शुरुआत 19 या 20 फरवरी से होने की संभावना है। 18 फरवरी को चांद देखा जाएगा। चांद नजर आने पर 19 फरवरी से रमजान शुरू होगा, जबकि चांद नजर नहीं आने पर पहला रोजा 20 फरवरी को रखा जाएगा। इसे लेकर मस्जिदों और मुस्लिम घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल रमजान का पहला रोजा करीब 12 घंटा 51 मिनट का रहेगा, जो पूरे महीने का सबसे छोटा रोजा होगा। जैसे-जैसे दिन बढ़ेंगे, रोजे का समय भी बढ़ेगा। रमजान का आखिरी रोजा करीब 13 घंटा 37 मिनट का होगा, जो सबसे लंबा माना जा रहा है। 22 साल बाद सर्द मौसम में रमजान
करीब 22 साल बाद रमजान सर्द मौसम में शुरू हो रहा है। ठंड के कारण रोजेदारों को रोजा रखने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होने के कारण रमजान हर साल 10 से 12 दिन पहले आता है, इसी वजह से यह अलग-अलग मौसम में पड़ता है। मस्जिदों में तरावीह की तैयारी
रमजान की रातों में तरावीह की नमाज पढ़ी जाएगी। इसके लिए मस्जिदों में साफ-सफाई, रोशनी और अन्य इंतजाम पूरे किए जा रहे हैं। हाफिज कुरआन-ए-पाक का दोहराव कर रहे हैं। ठंड के मौसम में रोजे का समय कम होने से रोजेदारों को राहत मिलेगी। साथ ही इफ्तार और सहरी से जुड़े दुकानदारों और छोटे व्यापारियों के कामकाज में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
जानें सहरी-इफ्तार का समय • पहला रोजा (19 फरवरी संभावित) सहरी खत्म: सुबह 5:06 बजे इफ्तार: शाम 5:57 बजे • आखिरी रोजा (20 मार्च संभावित) सहरी खत्म: सुबह 4:37 बजे इफ्तार: शाम 6:14 बजे (चांद दिखने के आधार पर तारीखों में बदलाव संभव है)