संभल के गुन्नौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजकिशोर और समाजवादी पार्टी के विधायक रामखिलाड़ी यादव के दामाद अनिल यादव के बीच विवाद हो गया। चिकित्साधिकारी ने सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई, जिसके बाद अनिल यादव को शांतिभंग के आरोप में चालान कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें बाद में जमानत मिल गई। यह जानकारी सामने आई है कि विधायक की बेटी डॉ. अनीता इसी अस्पताल में संविदा पर चिकित्सक के पद पर कार्यरत हैं, और उनके पति अनिल यादव एक ग्राम प्रधान हैं। विवाद बुधवार सुबह करीब 11:15 बजे शुरू हुआ, जब डॉ. राजकिशोर ने डॉ. अनीता के अस्पताल देर से पहुंचने पर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि आपत्ति जताने के बाद डॉ. अनीता अपने पति अनिल यादव के साथ प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में पहुंचीं। अनिल यादव ने अपनी पत्नी को अनावश्यक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि वे कक्ष से बाहर अस्पताल परिसर में आ गए। इस दौरान अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज और उनके तीमारदार तमाशबीन बने रहे। करीब आधे घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया।पुलिस ने अनिल यादव को शांतिभंग के आरोप में चालान कर उपजिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में पेश किया। शाम करीब 7 बजे उन्हें जमानत मिल गई। डॉ. राजकिशोर ने आरोप लगाया कि अनिल यादव ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराने की बात कही और अस्पताल में अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं, डॉ. अनीता ने अपने ऊपर लगे लेटलतीफी के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि वह समय पर सीएचसी आकर ओपीडी करती हैं। गुन्नौर एसएसआई संदीप मलिक ने बताया कि गन्नौर की सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर राजकिशोर की शिकायत पर अनिल यादव के विरुद्ध शांतिभंग में कार्रवाई करते हुए चालान उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के लिए किया गया।