झांसी महानगर में लगातार गंभीर होते जा रहे जाम से निजात दिलाने के लिए अब जिला प्रशासन ने केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से सहयोग मांगा है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लाखों रुपये खर्च कर किए गए तमाम प्रयोगों के बावजूद यातायात व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। जिला प्रशासन ने भी अपने स्तर पर कई प्रयास किए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।
मंत्रालय से मिले सुझावों के बाद गुरुवार देर शाम कमिश्नर, डीएम, नगर आयुक्त, जेडीए सचिव और एसएसपी खुद सड़कों पर उतरे और शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति का जायजा लिया।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से शहर के इलाइट चौराहा, जीवनशाह तिराहा, चित्रा, सीपरी बाजार, नन्दनपुरा, जेल चौराहा, कचहरी चौराहा, इलाइट से गोविंद चौराहा समेत लगभग सभी प्रमुख स्थानों पर कई-कई घंटों तक जाम लग रहा है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी द्वारा कुछ चौराहों की गोलाई (सर्किल) में बदलाव किए गए, ट्रैफिक सिग्नल बंद किए गए ताकि वाहनों को रुकना न पड़े, लेकिन इससे भी राहत नहीं मिली। इन सभी प्रयासों में लाखों रुपये खर्च हुए। जब नगर निगम के प्रयास कारगर नहीं रहे तो पुलिस और जिला प्रशासन ने ट्रैफिक संभालने की जिम्मेदारी ली। ट्रैफिक डायवर्जन, बैरिकेडिंग जैसे उपाय भी किए गए, लेकिन हालात इतने बिगड़े कि डायवर्जन वाले रास्तों पर भी जाम लगने लगा। गुरुवार को कमिश्नर बिमल दुबे, डीएम मृदुल चौधरी, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति सहित झांसी विकास प्राधिकरण के अधिकारी इलाइट चौराहा पहुंचे और मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर समीक्षा की। लखनऊ की टीम ने दिए सुझाव
कमिश्नर बिमल दुबे ने बताया कि भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की लखनऊ स्थित रीजनल एंड अर्बन एनवायरनमेंट स्टडीज की क्षेत्रीय टीम को झांसी बुलाया गया है। टीम ने सभी प्रमुख चौराहों पर अध्ययन कर जाम के कारणों की पहचान की है और उससे निपटने के लिए कुछ फौरी सुझाव दिए हैं, जिन्हें लागू किया जा रहा है।
सड़क पुनर्निर्माण और खंभे शिफ्ट
कमिश्नर ने बताया कि मंत्रालय की टीम ने कुछ सड़कों को रिबिल्ड करने का सुझाव दिया है। इसी क्रम में मेडिकल कॉलेज के पास की सड़क का पुनर्निर्माण कराया गया है, जिससे वहां काफी हद तक जाम से राहत मिली है। इसके अलावा बिजली विभाग के 17 खंभों को शिफ्ट किया जाना है, जिनमें से 14 खंभे स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
कमिश्नर बिमल दुबे ने भरोसा दिलाया कि आगामी दो महीनों के भीतर झांसी महानगर को जाम की समस्या से काफी हद तक मुक्त कर दिया जाएगा।