नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद:सोनभद्र में कोर्ट ने डेढ़ लाख का लगाया जुर्माना

सोनभद्र में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने गुरुवार को दोषी पिता को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह कारावास उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक रहेगा। अदालत ने दोषी पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। लगाए गए अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख बीस हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला करीब 11 माह पुराना है। पीड़िता के मामा ने 27 अक्टूबर 2025 को चोपन थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 15 वर्षीय भांजी के साथ चोपन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी उसके सगे पिता रमेश सहानी ने अप्रैल 2025 में शारीरिक संबंध बनाए थे। इस घटना के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई थी और उसके पेट में करीब सात माह का बच्चा पल रहा था। इस तहरीर के आधार पर चोपन पुलिस ने पिता के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय ने 7 जनवरी 2026 को आरोप तय किए थे। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना। इसके साथ ही नौ गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन किया। महज 36 दिनों में अदालत ने 33 वर्षीय दोषी पिता को पॉक्सो एक्ट में कठोर उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।