इस्तीफा देने के 18 दिन बाद पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की। वृंदावन में उन्होंने कहा- ‘सनातनी संस्कृति’ नाम की पार्टी बनाएंगे। इसके जरिए चुनाव लड़ेंगे। अगर किसी से गठबंधन करना पड़ा तो करेंगे। धार्मिक संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। यह लोग अयोध्या हारे हैं, अब काशी और मथुरा-वृंदावन भी हारेंगे। सरकार कॉरिडोर के जरिए गोस्वामी, पुरोहित और सेवादारों द्वारा स्थापित संस्कृति खत्म करने की कोशिश कर रही है। हम 3 प्रमुख मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं- UGC रेगुलेशन, एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग और बांके बिहारी कॉरिडोर। ये सनातन विरोधी सरकार है, जो देश को बांटना चाहती है। सरकार के इन फैसलों से समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो रही है। अपना दल, राजभर और अन्य दलों का अपना सम्मान है, हम भी अपना सम्मान बनाएंगे। बता दें कि अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य के अपमान और UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के नए कानून से नाराज थे। उन्होंने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए 26 जनवरी को इस्तीफा दिया था। फर्जी मुकदमों के लिए जारी की मेल आईडी
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- मैंने फर्जी SC/ST एक्ट में दर्ज मुकदमों की जानकारी करने और इसमें फंसे लोगों को न्याय दिलाने के लिए एक ई-मेल आईडी जारी की है। गुरुवार रात को जारी की गई इस आईडी पर अब तक 40 से ज्यादा मेल आ चुके हैं। जिनके जरिए लोग अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं। बिहार की एक सवर्ण अधिकारी को इन्हीं लोगों ने 2 बार निलंबित किया। उस पर दबाव डाला कि वह फिजिकल रिलेशन बनाएगी, तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। इस कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है। राजभर का सम्मान, हम भी अपना सम्मान बनाएंगे
अलंकार अग्निहोत्री ने बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर कहा- यहां के जो गोस्वामी, पुरोहित और सेवादारों ने संस्कृति स्थापित की थी। इस कॉरिडोर के जरिए उसको खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। यह धार्मिक संरक्षण से उत्पन्न संस्था है। इसका संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। यह लोग अयोध्या हारे हैं, अब काशी और मथुरा-वृंदावन भी हारेंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- आज विजय एकादशी के अवसर पर मैं बांके बिहारी की धरती से घोषणा करता हूं कि एक सनातनी संस्कृति की पार्टी बनाएंगे। अपना दल, राजभर और अन्य दलों का अपना सम्मान है, हम भी अपना सम्मान बनाएंगे। UGC रेगुलेशन 2026 पर जताई आपत्ति
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- यूजीसी रेगुलेशन (13 जनवरी 2026) अत्यंत भेदभावपूर्ण है। इसमें सामान्य वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को ‘स्वघोषित अपराधी’ मान लिया गया है। समता समितियों के माध्यम से बच्चों का मानसिक और शारीरिक शोषण होने की पूरी आशंका है। कोई भी निराधार शिकायत करके किसी का भविष्य बर्बाद कर सकता है। क्या हम अपने बच्चों को ऐसी व्यवस्था में पढ़ने भेजेंगे, जहां न्याय के नाम पर शोषण हो? मैं उन जनप्रतिनिधियों से भी पूछना चाहता हूं, जो ब्राह्मण समाज के नाम पर वोट लेकर आज ‘कॉर्पोरेट एम्पलाई’ की तरह चुप बैठे हैं। क्या आप ब्राह्मणों का नरसंहार चाहते हैं। सांसद-विधायकों से पूछना चाहता हूं- क्या घुंघरू पहन रखा है, कब बोलेंगे। क्या आप लोग इंतजार कर रहे हैं कि हमारी बहू-बेटियों का सड़कों पर रेप हो। क्या आप अपने आकाओं के आदेश का इंतजार कर रहे? क्या आप तब बोलेंगे, जब स्थिति हाथ से निकल जाएगी? आपने ब्राह्मण के नाम पर टिकट लिया। ब्राह्मणों को वोट दिया। जब आप जीत गए, तो कोई मतलब ही नहीं। अलंकार अग्निहोत्री विवाद, जानिए कब क्या हुआ… अब अलंकार अग्निहोत्री के बारे में जानिए … अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के रहने वाले हैं। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था। मां बैंक में थीं। 1998 में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में अलंकार को 21वां स्थान मिला। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक किया और नौकरी करने लगे। 2014 में जब अलंकार के सभी छोटे भाई सेटल हो गए। बहन की शादी हो गई, तो उन्होंने नौकरी छोड़कर UPPCS की तैयारी की और 2019 में एग्जाम क्वालिफाई किया। …………… ये खबर भी पढ़िए… रामपुर में वकील की हत्या का LIVE VIDEO:क्लर्क ने कमर से लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर 2 गोलियां दागीं, एक खुद को भी लगी रामपुर के जिला पंचायत कार्यालय में 11 फरवरी को हत्या हो गई थी। वकील की कार्यालय के बाबू ने गोली मारकर हत्या की थी। इस पूरी घटना का गुरुवार को लाइव सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें वकील फारुख पहले बाबू असगर अली को एक-एक कर तीन थप्पड़ मारते हैं। पढ़िए पूरी खबर…