सपा विधायक के दबाव में लेखपाल ने दिया इस्तीफा:आजमगढ़ में कहा- माफिया मेरी हत्या कर सकते, MLA बोले- सारी बातें बेबुनियाद

आजमगढ़ के अमीलो में तैनात लेखपाल राकेश कुमार यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एसडीएम को तीन पन्नों का इस्तीफा सौंपते हुए मुबारकपुर विधानसभा से सपा के विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश यादव का कहना है कि उनका ट्रांसफर विधायक के दबाव में किया गया है। उन्होंने बताया कि बाहा की जमीन पर भू-माफिया और हिस्ट्रीशीटर अवैध प्लॉटिंग कर रहे थे, जिसे उन्होंने रुकवा दिया था। इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। डरने के बजाय उन्होंने थाने में एफआईआर दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और मामले में एफआर लगा दी। इसके साथ ही लेखपाल ने विधायक पर 2.50 लाख रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संबंधित माफिया और हिस्ट्रीशीटर को विधायक का संरक्षण है। उनसे उनकी हत्या कराई जा सकती है। वहीं, इस मामले में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए सपा विधायक अखिलेश यादव ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि मेरा किसी माफिया से कोई संबंध नहीं है। अब पढ़िए तीन पन्नों के इस्तीफे में लेखपाल ने क्या लिखा? विधायक के दवाब में लेखपाल का ट्रांसफर
एसडीएम को दिए गए अपने तीन पन्नों के इस्तीफे में राकेश कुमार यादव ने लिखा- मुझे इस बात का दुख है कि मेरा ट्रांसफर भू-माफिया और हिस्ट्रीशीटर को संरक्षण देने वाले मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव के दबाव में किया गया। मैंने भू-माफिया सुलेमान पुत्र हाजी यासीन, मोहम्मद सलीम पुत्र मुख्तार अहमद तथा हिस्ट्रीशीटर नजरे आलम पुत्र मोहम्मद यूसुफ को बाहा की भूमि गाटा संख्या 448 पर प्लॉटिंग करते हुए रोका था और तुरंत काम बंद कराया था। भू-माफिया ने लेखपाल को दी जान से मारने की दी धमकी
भू-माफिया और हिस्ट्रीशीटर ने मुझसे विवाद किया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बावजूद मैं नहीं डरा। मैंने थाना मुबारकपुर में धारा 173 बीएनएसएस के तहत अधिनियम 132, 352, 351(3) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं 3 व 4 में प्राथमिकी दर्ज कराई। विधायक के संरक्षण में रहे इन लोगों की ओर से मुझ पर समझौते का दबाव बनाया गया। समझौता न करने पर मुझे जान से मारने और बर्बाद करने की धमकी दी गई। फिर भी मैंने समझौता नहीं किया। पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी
मैंने शासन के अनुरूप पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाया। लेकिन भू-माफिया इतने प्रभावशाली थे कि थाना मुबारकपुर ने मामले में लीपापोती कर अंतिम रिपोर्ट लगा दी। इससे आरोपी सुरक्षित हो गए। पुलिस प्रशासन को भी उनके और विधायक के सामने झुकना पड़ा। विधायक ने सदन में ट्रांसफर की मांग की
समझौता न करने से नाराज होकर विधायक अखिलेश यादव ने 28 अगस्त 2025 को सभापति, प्रतिनिहित विधायन समिति, विधानसभा के समक्ष मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और मेरा स्थानांतरण कराने की मांग की। शिकायत में किसी विशिष्ट प्रकरण का उल्लेख नहीं किया गया। विधायक ने 2.50 लाख रुपए की मांग की
इसी मामले में लेखपाल ने विधायक पर 2.50 लाख रुपए मांगने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की जानकारी एसडीएम को भी है। इस्तीफे में राकेश कुमार यादव ने लिखा है कि माफिया और हिस्ट्रीशीटर उन्हें जान से मारने और बर्बाद करने की धमकी दे चुके हैं। उनका कहना है कि जिस स्थान पर उनका तबादला किया गया है, उसे लेकर वह भयभीत हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि साजिश के तहत उनकी हत्या की नीयत से स्थानांतरण किया गया है। ऐसी स्थिति में नौकरी में बने रहना उनकी जान-माल के लिए उचित नहीं है। इसलिए उनका त्यागपत्र स्वीकार कर उन्हें लेखपाल पद से मुक्त किया जाए।
विधायक बोले- लेखपाल मेरी छवि खराब करने कोशिश कर रहा
इस मामले में दैनिक भास्कर से बातचीत में सपा विधायक अखिलेश यादव ने कहा- सभी आरोप बेबुनियाद हैं। मेरा किसी माफिया से कोई संबंध नहीं है। मैं अपने क्षेत्र के लोगों के हित में काम करता हूं। लेखपाल छोटी-छोटी बातों पर विवाद करता है। उसे समझाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह मिलने भी नहीं आया। लेखपाल ऐसे लोगों के संपर्क में रहता है, जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। इसी वजह से मैंने यह मुद्दा सदन में उठाया था। लेखपाल किसी के इशारे पर मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। ———— ये भी पढ़ें-
अविमुक्तेश्वरानंद विवाद, योगी बोले- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता:सपा के लोग पूजें; अखिलेश ने कहा- इन्हें योगी का सर्टिफिकेट किसने दिया शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में बात रखी। योगी ने कहा- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। मैं भी नहीं। मेरा मानना है कि भारत के हर व्यक्ति को कानून को मानना चाहिए। अगर सपा के लोग उसे पूजना चाहते हैं तो पूजें। पढ़िए पूरी खबर…