श्रीलंका में होने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर विरोध तेज हो गए हैं। कानपुर में भारतीय टीम के प्रशंसको ने सड़क पर उतरकर इस मुकाबले का विरोध किया। प्रशंसको का कहना है कि सीमा पार से हो रही घटनाओं में निर्दोष नागरिकों और सैलानियों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसमें हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी की भी जान गई है। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना उचित नहीं है। हाथ में तिरंगा लेकर भारतीय टीम के प्रशंसक अनुज त्रिपाठी समेत प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है, कि दुश्मन देश के साथ न तो कोई खेल होना चाहिए और न ही किसी प्रकार का व्यापार। वही, शिव प्रताप सिंह ने बीसीसीआई पर केवल आर्थिक लाभ के लिए मैच आयोजित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की भावनाओं को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। इस दौरान संजय सिंह भदौरिया ने कहा की, खून और पानी जैसे एक साथ नहीं बह सकता वैसे व्यापार ,क्रिकेट मैच न ही अभिनय पाकिस्तान के साथ कुछ भी नहीं होना चाहिए। विरोध के दौरान युवाओं ने हाथों पर काली पट्टियां बांधकर और पाकिस्तान मुर्दाबाद के पोस्टर अपना विरोध दर्ज कराया और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि, जब तक स्थितियां सामान्य नहीं होतीं, तब तक पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का व्यवहार या व्यापारिक रिश्ता नहीं रखा जाना चाहिए। उनका कहना है,कि अब युवा जागरूक हो चुका है और वह इस तरह के आयोजनों का खुलकर विरोध करेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ये मैच हुआ तो इसका विरोध और अधिक व्यापक बनाया होगा। फिलहाल, इस विरोध प्रदर्शन ने मैच के आयोजन को लेकर एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस प्रदर्शन में अनुज त्रिपाठी,पंकज तोमर,संजय सिंह, सिद्धार्थ सिंह, शिव प्रताप परिहार,अरुण सोनी,हर्षित गुप्ता,नैमिष अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।