यूपी में मोबाइल बरामदगी में बरेली पहले नंबर पर:जनवरी में 219 में से 130 मोबाइल ट्रेस कर लौटाए

बरेली ने जनवरी 2024 में खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले ने एक प्रभावी मॉडल पेश किया है, जिसमें तेज ट्रैकिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और पुलिस की जवाबदेही ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनवरी माह में कुल 219 मोबाइल फोन ट्रेसिंग के लिए दर्ज किए गए थे। इनमें से 130 मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिए गए। इस दौरान रिकवरी प्रतिशत 59.36 रहा। बरामद मोबाइल की संख्या के आधार पर वॉल्यूम स्कोर 100 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे जिले का अंतिम स्कोर 71.55 रहा और उसने प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इस सफलता के पीछे सख्त निगरानी और स्पष्ट निर्देशों की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने मोबाइल गुमशुदगी को सामान्य शिकायत के बजाय प्राथमिकता श्रेणी में रखने के निर्देश दिए थे। हर मामले में तुरंत आईएमईआई आधारित ट्रैकिंग, सर्विस प्रोवाइडर से समन्वय और नियमित फॉलोअप अनिवार्य किया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर टीमों ने डिजिटल उपकरणों और लोकेशन एनालिसिस का उपयोग करते हुए कई मोबाइल फोन दूसरे जिलों से भी बरामद किए। थानों की जवाबदेही तय होने से कार्रवाई की गति बनी रही, जिससे बरामदगी की प्रक्रिया में तेजी आई। मोबाइल फोन की वापसी का सीधा असर लोगों के पुलिस पर भरोसे पर दिखा है। फोन में बैंकिंग ऐप, पहचान दस्तावेज, निजी तस्वीरें और महत्वपूर्ण डेटा सुरक्षित रहता है, इसलिए बरामदगी केवल सामान की वापसी नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए बड़ी राहत है। पुलिस अब लोगों को सलाह दे रही है कि वे अपने मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें और गुम होते ही तुरंत इसकी सूचना दर्ज कराएं, ताकि रिकवरी प्रक्रिया बिना देरी के शुरू हो सके।