भदोही में सोमवार दोपहर 2 तीन वर्षीय बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया। परिवार की सूझबूझ और तत्परता से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद बांस के सहारे से बच्चे को बाहर निकाल लिया गया। मामला सुरियावां कोतवाली क्षेत्र के अमिलहरा गांव का है। जानकारी के अनुसार, लालधर बिंद का तीन वर्षीय पुत्र छोटू बिंद घर के पास खेलते समय दोपहर करीब 2 बजे अचानक खुले बोरवेल में सिर के बल जा गिरा। बोरिंग खराब होने के कारण बोरवेल को मिट्टी से भरा नहीं गया था। बच्चा करीब 12 फीट नीचे फंस गया। पिता ने उसे गिरते देख शोर मचाया, लेकिन शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली। इसी दौरान परिवार की बड़ी बहू सुनीता बिंद, जो दिल्ली से फोन पर बात कर रही थीं, ने एक ‘देसी जुगाड़’ का सुझाव दिया। सबसे पहले पंखे के जरिए बोरवेल में हवा पहुंचाई गई, ताकि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत न हो। इसके बाद बांस की लग्गी में रस्सी का फंदा बांधकर सावधानी से बच्चे के पैर में फंसाया गया और धीरे-धीरे ऊपर खींच लिया गया। करीब 4 बजे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के बाहर आते ही परिवार के सदस्य ने सहायक अध्यापक रामबली बिंद को सूचना दी। उन्होंने तत्काल 112 नंबर और एंबुलेंस सेवा को कॉल कर मदद बुलवाई। पुलिस और एंबुलेंस टीम ने बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुरियावां पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया। ग्रामीणों ने सुनीता बिंद की सूझबूझ, रामबली बिंद की तत्परता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। यह घटना खुले बोरवेलों से होने वाले खतरों की ओर एक बार फिर ध्यान आकर्षित करती है और उन्हें समय रहते सुरक्षित रूप से बंद करने की आवश्यकता पर जोर देती है।