लखीमपुर खीरी जिले के निघासन कस्बे में मंगलवार दोपहर बिजली के हाई टेंशन तार से निकली चिंगारी ने किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया। खाटू श्याम मंदिर के पास 6 बीघा गन्ने की पूरी फसल आग की लपटों में जलकर खाक हो गई। दमकल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। पीड़ित किसान ने विभाग से मुआवजा मांगा है। देखिए तस्वीरें… जानिए पूरा मामला निघासन के परागी पुरवा मोड़ के पास जयप्रकाश का खेत है। दोपहर में अचानक धुआं उठा और आग तेजी से फैल गई। आसपास के लोग अफरा-तफरी में आ गए। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि वे नाकाम रहे। सूचना पर दमकल टीम पहुंची और काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक 6 बीघा गन्ना पूरी तरह जल चुका था। बिजली लाइन की चिंगारी से लगी आग पीड़ित किसान जयप्रकाश ने बताया कि उनके खेत के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजर रही है। गन्ने की फसल लंबी होने से वह तारों के संपर्क में आई और चिंगारी निकलने से आग लग गई। उनके पास कुल 10 एकड़ जमीन है, जिसमें 8 बीघा में गन्ना था। बुवाई और देखभाल में 50 हजार रुपये खर्च हुए, जबकि नुकसान करीब 2 लाख रुपये का हुआ है। उन्होंने विद्युत उपकेंद्र में शिकायत दर्ज कराई और प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की। विभाग ने बताया- फसल लंबी होने से संपर्क हुआ अवर अभियंता सुभाष कश्यप (33/11 केवी उपकेंद्र निघासन) ने कहा कि गन्ने की ऊंचाई ज्यादा होने से बिजली लाइन से संपर्क हो गया, जिससे आग लगी। घटना की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। स्थानीय लोग भी जांच और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। यह घटना किसानों के लिए बड़ा झटका है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। नीचे ग्राफिक्स में समझिए गन्ने की फसल को आग से बचाने के उपाय जानिए मुख्यमंत्री किसान आपदा सहायता योजना / कृषि-गोदाम राहत योजना क्या है? मुख्यमंत्री किसान आपदा सहायता योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक सरकारी योजना है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में किसानों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना में प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान जैसे- आग, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, बिजली गिरना, तूफान आदि से फसल खराब होने पर सहायता प्रदान की जाती है। खेत में काम करते समय दुर्घटना, बिजली गिरने, पानी में डूबने, मशीन से हादसा आदि में मृत्यु या गंभीर चोट पर भी सहायता दी जाती है। कृषि गोदाम/भंडारण नुकसान यदि किसान के गोदाम, खलिहान, या फसल भंडारण स्थल में आग, बाढ़ या अन्य आपदा से नुकसान होता है तो प्रशासन द्वारा नुकसान का सर्वे कर, कारण की जांच करने के बाद मुआवजा दिया जाता है।