अयोध्या में चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग पर डीएम की सख्ती:निर्माण में बाधा बने विवाद जल्द निपटाने और समयसीमा में कार्य पूरा करने के दिए निर्देश

अयोध्या में चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण कार्यों को गति देने के लिए जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण की प्रगति, भूमि अधिग्रहण, ध्वस्तीकरण और विभिन्न विभागों के लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण में अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडेय सहित लोक निर्माण विभाग, जल निगम और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 3.3 किमी मार्ग तैयार, शेष कार्य तेज करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चैनेज 14.800 से 25.393 के बीच (कैंटोनमेंट क्षेत्र को छोड़कर) करीब 3.3 किमी मार्ग का निर्माण ग्रेनुलर स्तर तक पूरा कर लिया गया है। शेष हिस्सों में रिटेनिंग वॉल, ड्रेन और सब-बेस का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ड्रेन और डक्ट निर्माण शीघ्र पूरा कर डीबीएम स्तर तक सड़क का कार्य सुनिश्चित कराया जाए। मंदिर, कॉलोनी और निजी भूमि से जुड़े विवाद चैनेज 21.600 पर पुनर्व्यवस्थापन का भुगतान हो जाने के बावजूद ध्वस्तीकरण में आ रही बाधा पर डीएम ने नाराजगी जताई और एसडीएम सदर को प्रकरण शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। वहीं, विघ्नेश्वरनाथ मंदिर के पास आरओडब्ल्यू के भीतर बनी इंटरप्रिटेशन वॉल को हटाकर बाहर शिफ्ट कराने के निर्देश दिए गए। भरतपुरी कॉलोनी मार्ग के प्रभावित हिस्से को लेकर नगर निगम से समन्वय कर कार्रवाई तेज करने को कहा गया। हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर विशेष जोर मंगल पांडेय चौराहे और अन्य स्थानों पर हाईकोर्ट में लंबित प्रकरणों के कारण बाधित निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए डीएम ने भूमि अधिग्रहण की शेष औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने और प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए। नामांतरण और पैमाइश से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया। सीवर और बिजली कार्य भी जल्द पूरे हों जल निगम (नगरीय) के अधिकारियों ने रेतिया, अफीम कोठी, जनौरा और रामनगर घोसियाना क्षेत्र में सीवर मैनहोल राइजिंग का कार्य प्रगति पर होने की जानकारी दी। डीएम ने हाउस कनेक्शन का काम भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। वहीं, पूरे मार्ग पर विद्युत कार्यों के लिए विभागों के आपसी समन्वय से काम जल्द पूरा करने को कहा गया। समयसीमा में पूरा हो परिक्रमा मार्ग निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग श्रद्धालुओं और शहर की यातायात व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग तय समयसीमा में कार्य पूरा करें, यह सुनिश्चित किया जाए।