कानपुर में 14 यूनिवर्सिटी की 900 फर्जी डिग्रियां मिलीं:MSc पास मैथ टीचर सरगना, 1.50 लाख में घर बैठे BTech कराते थे

डेढ़ लाख दीजिए…बीटेक की डिग्री लीजिए। जी हां…ये सच है। कानपुर पुलिस ने गुरुवार को फर्जी डिग्री बनाकर बेचने वाला गिरोह पकड़ा है। सरगना MSC पास मैथ का टीचर है। पुलिस ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) समेत 14 विश्वविद्यालय की 900 फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। सबसे ज्यादा CSJMU की 357 फर्जी डिग्रियां हैं। मैथ टीचर का सिंडिकेट यूपी समेत 9 राज्यों में फैला हुआ था। बिना परीक्षा दिए हाईस्कूल से लेकर बीटेक, बीफार्मा, एलएलबी समेत अन्य डिग्री उपलब्ध कराते थे। अब जानिए क्या है पूरा मामला… शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में बच्चों को मैथ पढ़ाता था सरगना
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया, काफी समय से फर्जी मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट मुहैया कराने वाले गिरोह की जानकारियां सामने आ रही थीं। सटीक सूचना पर किदवई नगर पुलिस ने गौशाला चौराहे के पास शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में दबिश देकर चार युवकों को फर्जी डिग्रियों के साथ गिरफ्तार किया। आरोपियों में शैलेंद्र कुमार निवासी ऊंचाहार, रायबरेली, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद निवासी जोगेंद्र और शुक्लागंज निवासी अश्विनी कुमार शामिल हैं। शैलेंद्र कुमार कानपुर में साकेतनगर में रह रहा था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह का सरगना शैलेंद्र है, जो एमएससी पास है। शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में बच्चों को मैथ पढ़ाता था। नागेंद्र एमसीए किए है, जबकि जोगेंद्र हाईस्कूल और अश्वनी 12वीं पास है। शैलेंद्र ने 2003 में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया था। इसके बाद हाईस्कूल और इंटर के बच्चों को प्राइवेट फार्म भरवाने लगा और फिर फर्जी डिग्रियां बनवाने का काम शुरू कर दिया। गिरोह यूपी के साथ आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, एमपी, छत्तीसगढ़ समेत करीब 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों के बाबुओं और कर्मचारियों के संपर्क में थे। गिरोह में यूनिवर्सिटी के बाबू और कर्मचारी भी शामिल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया, वह बिना परीक्षा दिलाए हाईस्कूल, इंटरमीडिएट से लेकर स्नातक, विधि एवं फार्मेसी पाठ्यक्रमों की फर्जी डिग्रियां उपलब्ध कराते थे। इसके साथ ही प्राइवेट विश्वविद्यालयों में नामांकन की आड़ में फर्जी मार्कशीट तैयार कराते थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह में अधिकांश यूनिवर्सिटी के बाबू व कर्मचारी शामिल हैं। जो यूनिवर्सिटी की डिग्रियां गिरोह के सदस्यों को मुहैया कराते थे। आरोपी डिमांड के आधार पर यूनिवर्सिटियों के बाबू व कर्मचारियों से ओरिजनल मार्कशीट व सर्टिफिकेट मंगवाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह हाईस्कूल–इंटर की 50 हजार, बीटेक की 1.50 लाख, ग्रेजुएशन की 50-75 हजार, बीफार्मा-डीफार्मा की 2.50 लाख व एलएलबी की 1.50 लाख में बिना परीक्षा दिए डिग्री मुहैया कराते थे। इसके साथ ही पुलिस को कानपुर के 10 वकीलों के नाम मिले है, जिन्होंने इस गिरोह के सदस्यों से फर्जी एलएलबी की डिग्रियां हासिल की थीं। गिरोह से जुड़े कर्मचारी उन मार्कशीटों को विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड भी करते थे, जिससे लोगों को डिग्री, मार्कशीट फर्जी न लगे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों के पास से 50–60 लाख रुपए की पोस्ट डेटेड चेक मिली हैं। इसके साथ ही आरोपियों के एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक खाते मिले है। जिनकी जांच की जा रही है। शैलेंद्र ने फर्जी डिग्रियों से बनाई करोड़ों की संपत्ति
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शैलेंद्र ने गिरोह का संचालन कर करोड़ों की संपत्तियां अर्जित की। उसने 40 लाख रुपए से शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन तैयार किया। साकेत नगर में 50 लाख से अपार्टमेंट, पनकी में 30 लाख का फ्लैट, रमईपुर में 75 लाख का प्लॉट, बिधनू में 50–50 लाख कीमत के दो जगह जमीन खरीदी, इसके साथ ही 20 लाख रुपए की सेल्टॉज कार भी खरीदी। हरबंश मोहाल होटल में मृत मिला युवक भी गिरोह से जुड़ा था
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि हरबंश मोहाल थानाक्षेत्र में स्थित होटल स्वामी के कमरा नंबर 105 में 19 फरवरी 2025 को एक एजूकेशनल स्टूडेंट काउंसलर की बॉडी मिली थी। शव की पहचान 45 वर्षीय आनंद श्रीवास्तव के रूप में हुई थी। आनंद के पास से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लिखा था कि ‘सभी लोगों को तकलीफ दी, वेरी सॉरी। मैं अच्छा आदमी नहीं हूं, लगता है। अब हमेशा के लिए जा रहा हूं, किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी।’ आनंद श्रीवास्तव इसी गिरोह के संपर्क में था और वह गिरोह के लिए श्रीकृष्ण यूनिवर्सिटी से मार्कशीट व डिग्रियां मुहैया कराता था। इन अधिवक्ताओं ने गिरोह से हासिल की थी डिग्रियां पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सामने आया है कि रनिया निवासी दिलीप कल्याणपुर निवासी एक बाबू के संपर्क में था। जो CSJMU से डिग्रियां मुहैया कराता था। इसके साथ ही कल्याणपुर निवासी मनोज मिश्रा गिरोह के लिए हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्रियां मुहैया कराता था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कानपुर के अधिवक्ता नौशाद, सुजान, संदीप मिश्रा, रणधीर सिंह, मो. कौसिम रिजवी, रत्ना शुक्ला, विजय यादव, विशाल पाल, फैजान जावेद, बाबूपुरवा निवासी शमशाद ने गिरोह से फर्जी एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। पुलिस को इन फरार आरोपियों की तलाश
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक गिरोह से जुड़े छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद निवासी मनीष उर्फ रवि, गाजियाबाद निवासी विनीत, भोपाल निवासी शेखू व शुभम दुबे फरार चल रहे है। उनकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हुई हैं। आरोपियों के पास से विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां, ग्रेड शीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन बुकलेट व छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की डिप्टी रजिस्ट्रार की नकली मोहर बरामद की गई है। आरोपियों ने लगभग 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने की बात भी कबूल की है। ………………. ये खबर भी पढ़िए- मथुरा में नहर में गिरी कार, 4 की मौत:इनमें 2 लॉ स्टूडेंट; लाश गाड़ी में फंसी रही, क्रेन से निकाला गया मथुरा में बेकाबू कार नहर में गिर गई। हादसे में 2 लॉ स्टूडेंट समेत 4 युवकों की मौत हो गई। सभी शादी में शामिल होने डीग जा रहे थे। रास्ते में ड्राइवर मोड़ नहीं देख पाया और कार 20 फीट गहरी नहर में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने कार को नहर में गिरते देखा और दौड़कर मौके पर पहुंचे। तुरंत बचाव कार्य में जुट गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने 2 लड़कों को गाड़ी का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाल लिया। पूरी खबर पढ़िए…