खाली कुर्सियों के बीच सजी कवि सम्मेलन-मुशायरे की शाम:ताज महोत्सव के दूसरे दिन स्टॉल्स पर सीमित रही पर्यटकों की संख्या

ताज महोत्सव के दूसरे दिन साहित्यिक रंग में रंगी कवि सम्मेलन और मुशायरे की शाम भले ही दर्शकों की कम मौजूदगी के चलते फीकी नजर आई, लेकिन महोत्सव परिसर में लगे स्टॉल्स पर लोग घूमते-फिरते नजर आए और खरीदारी के साथ लुत्फ उठाते दिखे। एक ओर मंच के सामने कुर्सियां खाली रहीं, तो दूसरी ओर खानपान, शिल्प और खरीदारी के स्टॉल्स पर लोग समय बिताते नजर आए। हालांकि यहां भी संख्या सीमित नजर आई। दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय हिंदी संस्थान और आकाशवाणी के संयोजन में कवि सम्मेलन एवं मुशायरा हुआ। कार्यक्रम में कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से माहौल को साहित्यिक बनाया, हालांकि दर्शकों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। बावजूद इसके, मंच से प्रस्तुतियां लगातार जारी रहीं। महोत्सव परिसर में करीब 500 स्टॉल्स लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पिछली बार की तुलना में इस बार करीब 200 स्टॉल्स अधिक लगाए गए हैं, जिससे लोगों को खरीदारी के ज्यादा विकल्प मिल रहे हैं। बच्चे झूलों का आनंद लेते नजर आए, वहीं खानपान के स्टॉल्स पर लोग अलग-अलग व्यंजनों का स्वाद चखते दिखे। परिसर में इस बार आकर्षक लाइटिंग की गई है, जिससे शाम होते ही महोत्सव का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है। वहीं, पार्किंग के लिए भी पर्याप्त जगह की व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। सेल्फी पॉइंट पर पर्यटक तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। साथ ही पपेट शो और राजस्थानी ढोल की प्रस्तुतियां लोगों को खूब पसंद आ रही हैं और लोग इनका आनंद लेते दिखे। पर्यटकों ने भी महोत्सव की व्यवस्था की सराहना की। एक महिला पर्यटक ने बताया कि इस बार शिल्पग्राम में ज्यादा जगह है, जिससे घूमने का अनुभव बेहतर हो गया है। उन्होंने कहा कि स्टॉल्स भी काफी अच्छे हैं और उन्होंने यहां खरीदारी के साथ-साथ काफी इंजॉय किया। पहले दिन हुई बारिश के बाद भी महोत्सव की रौनक बरकरार है और लोग परिवार के साथ यहां पहुंचकर कला, संस्कृति और व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। आगामी दिनों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भी लोगों में उत्साह बना हुआ है।