प्रयागराज में 52 छात्राओं को मधुमक्खियों ने काटा:10 की हालत गंभीर; टीचरों के साथ टूर पर आई थीं

प्रयागराज में मधुमक्खियों के झुंड ने छात्राओं पर हमला कर दिया। इससे 52 छात्राएं बुरी तरह घायल हो गईं। 42 छात्राओं को SRN और 10 को चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 10 छात्राओं की हालत गंभीर बनी है, जिन्हें इमरजेंसी में रखा गया है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की ये छात्राएं शिक्षकों के साथ शैक्षणिक टूर पर आई थीं। घटना चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित संग्रहालय के पास हुई। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… टूर पर प्रयागराज आईं थीं छात्राएं
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की 100 छात्राएं एक दिन के टूर पर प्रयागराज आई थीं। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे छात्राएं शिक्षकों के साथ कंपनी गार्डन में थीं और खाना खाने जा रही थीं। तभी मधुमक्खियों का झुंड उन पर टूट पड़ा। इससे अफरा-तफरी मच गई। कई छात्राएं बचने के लिए इधर-उधर भागीं, जिससे भगदड़ मच गई। इसके बावजूद मधुमक्खियों ने छात्राओं को काट लिया। जिन घायल छात्राओं की अब तक शिनाख्त हुई है, उनमें बहादुरपुर की 3, प्रतापपुर की 4, सैदाबाद की 1 और फूलपुर की 5 छात्राएं शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर संतोष तिवारी ने बताया कि टूर पूरी तरह अधिकृत था। सबसे ज्यादा प्रभावित फूलपुर की 5 छात्राएं हैं। कुछ शिक्षकों को भी मधुमक्खियों के डंक लगे हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा। सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है। डॉक्टरों के मुताबिक अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। एंटी-वेनम और अन्य दवाओं से इलाज चल रहा है। उन्नाव में मधुमक्खियों के हमले से अंपायर की हुई थी मौत 19 फरवरी को उन्नाव में क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया था। मधुमक्खियों ने 58 साल के अंपायर मानिक गुप्ता को 50 से ज्यादा डंक मारे। करीब 10 मिनट तक मधुमक्खियां उन्हें काटती रहीं। मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों, अंपायरों और ग्राउंड स्टाफ समेत 40 से 50 लोगों को काटा। अंपायर समेत 10 लोगों को कानपुर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया था। बाद में अंपायर मानिक गुप्ता की मौत हो गई थी। 21 फरवरी की सुबह जब अंपायर का शव उठा, तो पत्नी रोते-रोते बेसुध हो गई थीं। वहीं श्मशान घाट पर छोटी बेटी पिता के चेहरे को बार-बार पोंछती रही और उसी ने अंतिम संस्कार भी किया था। मधुमक्खियों के बारे में जानिए —————————- ये खबर भी पढ़िए… ‘इकलौते बेटे को बर्थ-डे मनाने भेजा…वो कफन में लिपटकर लौटा’, झांसी में मां बोली- पहली बार पार्टी करने भेजा, वो छोड़कर चला गया “मेरा बेटा 16 साल का हो गया था। वह हर बार घर में ही बर्थडे पार्टी करता था, लेकिन पहली बार मैंने उसे पार्टी के लिए घर के बाहर अकेले जाने दिया। क्या पता था कि मैं उसे आखिरी बार देख रही हूं। जब बेटा घर लौटा, तो कफन में लिपटा हुआ था। वह हम लोगों को हमेशा के लिए छोड़कर चला गया।” यह कहना है अपने इकलौते बेटे निवेश को खोने वाली मां नीतू सक्सेना का। पढ़िए पूरी खबर…