लखनऊ के संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में शुक्रवार को मंजूश्री संस्था की ओर से एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभक्ति नाटक ‘पुर्जा पुर्जा कट मरे’ का मंचन किया गया, साथ ही कला, साहित्य, संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘मंजूश्री सम्मान’ से सम्मानित किया गया। शैलेश श्रीवास्तव द्वारा परिकल्पित और निर्देशित नाटक ‘पुर्जा पुर्जा कट मरे’ सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह की प्रसिद्ध उक्ति पर आधारित था। इस प्रस्तुति में राष्ट्र के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष और बलिदान का संदेश प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। गुरु के परिवार के त्याग और सेवा-समर्पण की भावना को गीतों और संवादों के माध्यम से जीवंत किया गया। शहीदों की गाथाओं को कथा का आधार बनाया नाटक में हिंदी साहित्य के महान कवि जयशंकर प्रसाद और पद्मविभूषण से सम्मानित गोपाल दास नीरज की कविताओं के अंशों को शामिल किया गया, जिससे प्रस्तुति और अधिक प्रभावशाली बन गई। अनाम वीरांगनाओं और शहीदों की गाथाओं को कथा का आधार बनाया गया, जिसने जन-सामान्य में वीरता, त्याग और समर्पण का भाव जगाया। मंच पर करुणा शंकर उपाध्याय, सैयद आलेख मेंहदी, आशुतोष पांडेय, अदिति तिवारी, अंशुमाला, अनिल कुमार और पूनम यादव सहित अन्य कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। ऐसे नाटक नई पीढ़ी में देशभक्ति का भाव जागृत रखते कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप कुमार अग्निहोत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ. अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मातृशक्तियों को मिल रहे अवसर समाज को नई दिशा दे रहे हैं, और ऐसे नाटक नई पीढ़ी में देशभक्ति का भाव जागृत रखते हैं।इस मौके पर ऋतु सुहास (आईएएस), विभा सिंह, डॉ. अमिता दुबे, डॉ. परवीन आज़ाद और ज्योति किरण रतन को ‘मंजूश्री सम्मान’ से सम्मानित किया गया।