मेरठ में शुक्रवार को यूजीसी के विरोध में युवा ब्राह्मण समाज संगठन की एक बैठक ईवज चौराहे के निकट आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन समाज के लोगों ने अपना विरोध करने औश्र आगामी चुनाव में सरकार को क्या नुकसान हो सकता है इसको लेकर की। समानता में भेदभाव क्यों- पुनीत
बैठक में संगठन मंत्री पुनीत शर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भेदभावपूर्ण नीति समाप्त नहीं की जाती तो संविधान में संशोधन कर स्वर्ण समाज को भी जाति परिवर्तन का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में समानता की बात की जाती है, लेकिन व्यवहार में स्वर्ण वर्ग के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनके अनुसार, सभी वर्गों में आर्थिक रूप से कमजोर लोग मौजूद हैं, इसलिए आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि मौजूदा नीतियों के कारण स्वर्ण वर्ग के युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। उनका दावा था कि संपन्न परिवारों के बच्चे विदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर युवा मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इसे देश के भविष्य के लिए चिंताजनक बताया। यूजीसी से जुड़े प्रस्तावों का विरोध करते हुए इसे समाज में जातिगत विभाजन बढ़ाने वाला कदम बताया। वहीं रवि मिश्रा ने कहा कि ऐसी नीतियां विश्वविद्यालयों में छात्रों के बीच वैमनस्य बढ़ा सकती हैं और प्रतिभा को प्रभावित कर सकती हैं। आनंद भारद्वाज और सुरेंद्र शर्मा ने भी विरोध दर्ज कराते हुए संगठन को विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें कर जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया।