लखनऊ में भाजपा मुख्यालय बनाने पर नगर निगम ने पल्ला-झाड़ा:शासन को भेजा प्रस्ताव, विपक्ष ने कहा- सदन में बगैर चर्चा के पास किया प्रस्ताव

लखनऊ नगर निगम ने शहर में भाजपा के प्रदेश मुख्यालय बनाने के मामले में जमीन देने से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। सपा और कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने सदन में बगैर चर्चा किए ही, इसका प्रस्ताव गुपचुप तरीके से पास कर दिया है। दरअसल, भाजपा लखनऊ में अपना नया प्रदेश मुख्यालय बनाना चाह रहा है। इसके लिए जियामऊ में जमीन भी तलाश रखी है। यहां 58,534 वर्ग फीट में जमीन पर इसे बनाया जाना है। लेकिन अभी तक जमीन मिलने का मामला फंसा हुआ है। विपक्ष का कहना है कि यह प्रस्ताव नगर निगम सदन के एजेंडा में टॉप-10 प्वाइंट में शामिल नहीं रहा। जबकि प्वाइंट नंबर 9 में अन्य प्रस्तावों में इसे रखा गया है। इस बात को लेकर सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब आपके पास में संख्या बल था ही तो फिर क्यों आप लोगों ने इसे छुपाया। प्रस्ताव तो वैसे भी पास हो जाता। यह सदन की गरिमा से खिलवाड़ है। इससे पहले पूरा नगर निगम का सदन हंगामेदार रहा। विशेष सदन में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने का प्रस्ताव पास किया गया। हजरतगंज से भाजपा पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने विशेष सदन को अवैध बताकर इसका बायकॉट किया। नगर निगम सदन की 2 तस्वीरें देखिए… प्रस्ताव पर मेयर खुलकर बात करने से बच रहीं नगर निगम में विशेष सदन की बैठक खत्म होने के बाद में सबसे अधिक चर्चा जियामऊ में स्थित दीन दयाल सेवा न्यास की जमीन को सब लीज पर भाजपा कार्यालय बनाने के प्रस्ताव को शासन भेजने की रही। इसमें नगर निगम की तरफ से इस पूरे प्रस्ताव पर शासन से फैसला लेने का निर्णय छोड़ा गया है। विपक्षी पार्षदों का कहना है कि सदन की बैठक में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है। भाजपा पार्षदों की तरफ से कहा गया कि प्वाइंट नंबर 10 में अन्य प्रस्तावों में यह शामिल है। इस बात को लेकर भाजपा पार्षद दबी जुबान में कह रहे हैं कि प्रस्ताव को शासन को ही भेजा गया है। वहीं, मेयर भी इस बात को लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ बोलने से बच रही हैं। कांग्रेस और सपा बोली यह पूरी तरह से गलत कांग्रेस पार्टी मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। भाजपा ने सदन की गरिमा का अपमान किया है। ऐसा नहीं होना चाहिए। क्योंकि सदन में इस बात को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। एजेंडा पहले से दिया नहीं गया। इसके बाद में जो सदन में मिला भी उसमें भी इस बात का कोई जिक्र नहीं था। सपा के पार्षद राम नरेश चौरसिया ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। सदन में इस बात को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। न ही कोई जानकारी मिली है। ऐसे में क्या किया जाए। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का दिखाया गया मॉडल बैठक में अहमदाबाद, दिल्ली और बेंगलूर के मॉडल को भी दिखाया गया। नगर निगम की तरफ से अगले कुछ दिनों में इसके लिए जमीन चिन्हित की जाएगी। वहीं, बैठक में एजेंडा नहीं मिलने पर हजरतगंज से भाजपा पार्षद नागेंद्र चौहान नाराज हो गए। उन्होंने बैठक को अवैध बताया। इस बीच विपक्ष के पार्षद एजेंडा नहीं मिलने पर विरोध करने लगे। सपा पार्षद यायावर हुसैन रेशु और कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान मुखर रहे। इस बीच भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा अन्नू और कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान के बीच में तकरार हो गई। दोनों एक दूसरे पर नहीं बोलने देने का आरोप लगाने लगे। इस बीच कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी सहित अन्य में बीच बचाव किया। पार्षदों के बीच तीखी बहस और तनातनी सदन शुरू होते ही भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी बहस और तनातनी हो गई। भाजपा पार्षद के बोलने पर कांग्रेस सपा वाले ने कहा कि आप बार-बार न बोलिए। इसके बाद दोनों पक्षों में स्थिति यहां तक पहुंची कि अन्य पार्षदों को बीच में आना पड़ा। दरअसल, कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान सदन का एजेंडा न मिलने का विरोध कर रहे थे। इस बीच भाजपा पार्षद अन्नू मिश्रा कुछ बोलने लगे तो उन्होंने मना किया कि वह बार-बार न बोलें। इसी पर दोनों में तकरार हो गई। इसी दौरान कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी अन्नू के करीब पहुंच गईं और उन्हें शांत कराने लगीं। मामला शांत हुआ तब सदन शुरू हुआ। करीब डेढ़ घंटे तक ही सदन चला है। मेयर बोली प्लांट में एक भी रुपया निगम का नहीं लगेगा मेयर ने बताया वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने के उद्देश्य से बुलाया गया था। जब भी शहर में नया करना होता है तो उससे पहले बैठक बुलाती हूं। एजेंडा देने की कोई बात ही नहीं है। पार्षदों के सवाल पर मेयर ने कहा- इसमें हमारा एक भी रुपया खर्च नहीं होगा। अपर नगर आयुक्त अरविंद राव ने कहा- पहले की कंपनियों के साथ एनर्जी के लिए कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। नगर निगम के विशेष सदन के लाइव अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग पढ़िए…