देवरिया जनपद में कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी है। इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति में उप जिलाधिकारी सदर और जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य के रूप में शामिल थे। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में सामने आया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद लगभग एक वर्ष तक बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आदेश के अनुपालन में विलंब और प्रशासनिक उदासीनता को इसका प्रमुख कारण बताया गया है। समिति की आख्या के आधार पर, जिलाधिकारी ने बीएसए के निलंबन और उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित कर दी है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, प्रकरण से संबंधित पटल सहायक संजीव सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। प्रशासन ने कहा है कि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर पक्षपात नहीं बरता जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, मृतक के परिजनों की तहरीर पर थाना गुलहरिया में संबंधित धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है और विधिक कार्रवाई जारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना या कर्तव्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।